नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार पर चाकू से हमला करने वाले ओमानी को-पायलट के सोशल मीडिया पोस्ट्स से बड़ा खुलासा हुआ है. इजरायली अधिकारियों के अनुसार, इस को-पायलट ने ऑनलाइन यहूदियों की हत्या करने संबंधी चर्चा की थी और वह कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित नजर आता है.
‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक इजरायली अधिकारी ने बताया कि हमलावर ने सोशल मीडिया पर यहूदियों को मारने की बात कही थी. अधिकारियों का कहना है कि वह जिहादी विचारधारा से प्रभावित हो चुका था और आत्महत्या करने के इरादे से भी आया लग रहा है. हमलावर ने अमीराती क्रू सदस्यों से उसे मार डालने के लिए भी कहा था.
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जांच से पता चलता है कि को-पायलट को इस्लामिक कट्टरपंथी विचारधारा की शिक्षा दी गई थी. उन्होंने संभावना जताई कि हमलावर विमान को गिराने की कोशिश कर सकता था. हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि मकसद के बारे में अभी कोई पक्का नतीजा नहीं निकाला जा सकता.
बुधवार को उड़ान के दौरान लगभग दो घंटे बाद विमान की ऊंचाई अचानक कम हो गई थी. यात्रियों और क्रू ने हमलावर पर काबू पा लिया, जिससे विमान सुरक्षित उतर सका. हमलावर को-पायलट को मेडिकल मंजूरी के बाद यूएई वापस भेज दिया गया है. यूएई में भी जांच शुरू हो गई है कि क्या यह घटना किसी आतंकवादी मकसद से जुड़ी थी. यह घटना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी हुई है. कैप्टन स्मित मछार की बहादुरी की चारों तरफ तारीफ हो रही है.