नई दिल्ली: फ्लाईदुबई की फ्लाइट 1073 को क्रैश करने की कोशिश के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. इजरायली मीडिया के मुताबिक, को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने जांचकर्ताओं को बताया है कि उसका इरादा विमान को हाइजैक कर इजरायल में क्रैश करने का था.
को-पायलट की पहचान ओमान के नागरिक हमाम अल-हम्मामी के रूप में हुई है. उस पर फ्लाइट के कैप्टन को चाकू मारने और विमान को तेजी से जमीन की ओर ले जाने का आरोप है. यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने उसे काबू में कर लिया, जबकि फ्लाइट में मौजूद रिजर्व पायलटों ने विमान को संभालकर सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया.
कट्टरपंथी विचारधारा का शक
आरोपी को-पायलट पर पहले से कट्टरपंथी विचारधारा का शक था. इसी वजह से ओमान ने उसके विमान उड़ाने पर प्रतिबंध लगा रखा था. बावजूद इसके फ्लाईदुबई ने उसे नौकरी पर रख लिया और वह यूएई-इजरायल जैसे संवेदनशील रूट पर उड़ान भरने लगा. यह स्पष्ट नहीं है कि ओमान ने अपनी चिंताओं की जानकारी दूसरे देशों या एयरलाइंस के साथ साझा की थी या नहीं.
गुरुवार को को-पायलट को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भेज दिया गया. सूत्रों के मुताबिक, वहां इजरायली अधिकारी उससे पूछताछ कर सकते हैं. इजरायली जांचकर्ता UAE की लीडरशिप में चल रही जांच में अमीराती अधिकारियों के साथ शामिल होंगे. जांच में घटना के असल मकसद और उसके बैकग्राउंड की पड़ताल की जाएगी. फ्लाईदुबई के सीईओ गैथ अल गैथ ने इसे ‘सेफ्टी इंसिडेंट’ बताया है और कहा है कि जांच को तथ्यों का पता लगाने का मौका दिया जाना चाहिए.