नई दिल्ली: देश की प्रमुख परीक्षाएं आयोजित करने वाली एजेंसी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बड़े पैमाने पर सुधार किए जा रहे हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी के निर्देश पर एजेंसी की परीक्षा टीम से 600 विशेषज्ञों को हटाया गया है और उनकी जगह नए एक्सपर्ट्स को शामिल किया जा रहा है. इसके साथ ही NTA ऑफिस की सुरक्षा का जिम्मा अब सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) को सौंपा जाएगा.
एजेंसी के कार्यालय को प्राथमिकता के आधार पर नई जगह शिफ्ट भी किया जाएगा. शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने रिव्यू मीटिंग में अधिकारियों को परीक्षाओं को सुरक्षित तरीके से कराने के लिए सभी जरूरी सुरक्षा और ढांचागत व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. NTA के महानिदेशक ने बताया कि प्रश्नपत्रों की जांच के लिए चार स्तरीय व्यवस्था शुरू की जाएगी ताकि गलतियों की आशंका कम हो.
एजेंसी पहले ही 50 से ज्यादा कर्मचारियों को हटा चुकी है. अगले दो-तीन हफ्तों में 20 से 25 नए अधिकारियों को शामिल किया जाएगा. NTA ने चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर, चीफ फाइनेंस ऑफिसर, चीफ इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर जैसे 10 नई प्रोफेशनल लीडरशिप पोजीशन के लिए विज्ञापन भी जारी किए हैं. साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्नपत्र डिजाइन जैसे क्षेत्रों में प्राइवेट सेक्टर से विशेषज्ञ लाए जा रहे हैं.
ये बदलाव ऐसे समय हुए हैं जब हाल ही में UGC NET जून 2026 के तीन विषयों (इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी) की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला लिया गया था. जांच में प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग और अनुवाद संबंधी कई गलतियां पाई गई थीं. शिक्षा मंत्री ने कॉन्फिडेंशियल ऑपरेशंस आर्किटेक्चर में भी पूरी तरह बदलाव करने और सभी परीक्षा प्रक्रियाओं का ऑडिट कर रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया है.