श्रीरामनगरी अयोध्या में बुलेट सवार दो साधुओं पर सरेआम हाथ उठाया जाता है, उन पर गलत हरकत करने का आरोप लगता है. जब पुलिस पूछताछ करती है तो पता चलता है, दोनों साधु मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं, वो वीडियो बनाकर विकास कार्यों के बारे में बता रहे थे, तभी एक युवक उनके साथ मारपीट करने लगता है, बचाव में वो भी हाथ उठाते हैं और फिर मामला थाने तक पहुंच जाता है. जहां जाकर सुलह होता है, लेकिन लोग सवाल पूछते हैं कि क्या अयोध्या में भी साधु सुरक्षित नहीं हैं.
घटना नंबर 2: श्रीकृष्णनगरी मथुरा में सरेआम पत्थरबाजी होती है. अंबेडकरनगर पार्क में एक ही समुदाय के दो पक्ष आपस में मामूली विवाद को लेकर भीड़ जाते हैं, लेकिन दोनों ओर से जब ईंट और पत्थर चलने लगते हैं, तो मामला मामूली नहीं रह जाता, वीडियो वायरल होते ही लखनऊ तक हड़कंप मच जाता है. यही सवाल पूछा जाता है कि क्या मथुरा में कोई बड़ी साजिश रची जा रही है. आखिर विवाद मामूली था तो भारी संख्या में ईंट-पत्थर कहां से आए. पत्थरबाजों का क्या होगा, आप खुद अंदाजा लगा लीजिए.
घटना नंबर 3: जिस मथुरा में पत्थर चले, वहीं लॉरेंस बिश्नोई की तरह एक बड़ा गैंग बनाने की प्लानिंग हो रही थी. एमपी पंडित ऊर्फ मोहित ने गैंगलैंड नाम से बकायदा एक व्हाट्सऐप ग्रुप बनाया हुआ था, जहां मैसेज डालते ही उसके ग्रुप के लोग एक्टिव हो जाते, लोगों में दशहत फैलाते, लेकिन जैसे ही इसका सरगना पकड़ा गया, वो फूट-फूटकर रोने लगे, तस्वीरें गवाह हैं कि यूपी में दूसरा लॉरेंस पैदा होता, उससे पहले ही यूपी पुलिस ने उसका इंतजाम कर दिया.
घटना नंबर 4: कानपुर से एक वीडियो सामने आता है, जिसमें बीच सड़क कुछ लोग हुड़दंग मचाते नजर आते हैं, बिना हेलमेट करीब 50 युवक, बुलेट बाइक लेकर सड़कों पर काफिला निकालते हैं, पूरा यातायात बाधित होता है, जो जहां था वो वहीं रुक जाता है, फिर ये बीच सड़क कुछ ऐसा करते हैं, जिससे योगी की पुलिस को एक्शन मोड में आना पड़ता है, चकेरी थाने में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की जाती है, इसके पीछे इनका मकसद क्या था, पूरे शहर में डर का माहौल क्यों बनाया गया, इसकी जांच अभी भी जारी है.
घटना नंबर 5: लेकिन एक घटना ऐसी सामने आई, जिसने यूपी पुलिस को भी हिलाकर रख दिया, दूसरों का कच्चा चिट्ठा खोलने वाली यूपी पुलिस के दो सिपाही खुद बड़ी घटना को अंजाम देने में लगे थे, मेरठ के लोहियानगर थाने में तैनात रिंकू सिंह और भावनपुर थाने में तैनात अमित कुमार ने एक गैंग बनाया था, जो लूट और अपहरण की वारदात को अंजाम देते थे, राजस्थान पुलिस को जब घटना का पता चला तो उसने यूपी पुलिस को जानकारी दी, और एसएसपी ने दोनों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया.
घटना नंबर 6: अमरोहा में एक स्कूल बस पर फायरिंग की वारदात सामने आने से हड़कंप मच गया, जांच में पता चला ये बस बीजेपी नेता वीरेन्द्र चौधरी की, जो गांव नगला माफी से स्कूल की ओर जा रही थी, इसी दौरान रास्ते में बाइक सवार तीन बदमाशों ने घटना को अंजाम दिया, उस वक्त बस में करीब 21 लड़के-लड़कियां थीं, जो स्कूल जा रही थीं, घटना के पीछे की मंशा क्या थी, क्या बाइक सवार बदमाशों का किसी गिरोह से नाता है, इसकी जांच पुलिस कर रही है.
घटना नंबर 7: फिरोजाबाद से यूपी पुलिस ने 30 बोरी नकली नमक पकड़ा, एक बोरी में करीब 50 पैकेज होते हैं, इंस्पेक्टर राजेश पांडेय का कहना है दुकान स्टोर मालिक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच की जा रही है. अब तक इसने कितने ऐसे पैकेट बेचे हैं, कौन इसका साथ दे रहा है, पुलिस पूरी कुंडली खंगालने में लगी है.
यानि आपके खाने से लेकर समाज तक में कुछ लोग जहर घोलने का काम कर रहे हैं, बहराइच में जो घटना हुई, उसके बाद मुजफ्फरनगर में जैसे ओवैसी की पार्टी के नेता प्लानिंग रचते पकड़े गए, वो साफ इशारा करता है, कोई तो है जो यूपी की शांति व्यवस्था भंग करना चाहता है, योगी की पुलिस को चैलेंज करना चाहता है, और ये बात यूपी पुलिस भी जानती है, शायद इसीलिए अब योगी सरकार ने सड़कों पर ड्रोन वाली महिला कमांडो उतारने का फैसला लिया है, जिसकी शुरुआत लखनऊ से सटे बाराबंकी से हो चुकी है, जहां महिला पुलिसकर्मियों को ड्रोन के जरिए निगरानी की ट्रेनिंग दी जा रही है, ताकि हर साजिश को नाकाम किया जा सके.