तिरुपति बालाजी मंदिर के प्रसाद को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. इस बीच देश के सबसे बड़ी डेरी उत्पादों की कंपनी अमूल ने शुक्रवार को एक बयान जारी किया. अमूल ने बताया कि उसने कभी भी तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) को घी का सप्लाई नहीं किया है.
अमूल ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर कहा, "हम साफ करना चाहते हैं कि हमारे अत्याधुनिक, ISO प्रमाणित उत्पादन संयंत्रों में केवल दूध का उपयोग करके अमूल घी बनाया जाता है." उन्होंने कहा कि उनके द्वारा उत्पादित घी में शुद्ध दूध का ही इस्तेमाल होता है, और दूध को कड़ी गुणवत्ता जांचों से गुजारा जाता है, जिसमें मिलावट की पहचान के लिए FSSAI द्वारा निर्धारित मानक शामिल हैं.

अमूल का यह बयान आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू द्वारा दिए गए बयान के दो दिन बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि जगन मोहन रेड्डी की सरकार के दौरान तिरुपति के लड्डू में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया. जगन मोहन रेड्डी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि टीडीपी धार्मिक मुद्दों को राजनीतिक रूप से भुना रही है.
जगन रेड्डी ने कहा कि तिरुपति लड्डू की तैयारी के लिए हर साल एक निविदा प्रक्रिया होती है और इसके मानक दशकों से एक समान हैं. उन्होंने बताया कि सप्लायर से NABL प्रमाणपत्र और उत्पाद गुणवत्ता प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है. केवल वही सामग्री इस्तेमाल की जाती है जो इस प्रक्रिया में सफल होती है, और TTD द्वारा घी के नमूनों की जांच की जाती है.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री नायडू से बातचीत की और इस मामले में एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस स्थिति की जांच करेगी और आवश्यक कदम उठाएगी. गौरतलब हो, यह विवाद न केवल धार्मिक भावनाओं को प्रभावित कर रहा है, बल्कि राजनीति में भी हलचल पैदा कर रहा है.