मायावती को एक बात खटक गई, डिंपल की ‘जान’ अटक गई, मैनपुरी में होने जा रहा है सबसे बड़ा मुकाबला

Global Bharat 18 Apr 2024 07:56: PM 2 Mins
मायावती को एक बात खटक गई, डिंपल की ‘जान’ अटक गई, मैनपुरी में होने जा रहा है सबसे बड़ा मुकाबला

ये कहानी वैसी नहीं है जैसी आपको दिखाई जा रही है! डिंपल यादव की हार की पटकथा क्या खुद मायावती ने ही लिख दी है! ऐसा क्या हुआ कि अखिलेश यादव मायवती पर अब एक भी बयान नहीं देना चाहते हैं! मायावती के सामने अखिलेश माफी मांगने की तैयारी क्यों कर रहे हैं! मैनपुरी में अखिलेश की गलती के कारण डिंपल यादव की सीट फंस गई तो बदायूं में चाचा शिवपाल ही अखिलेश यादव से अपने अपमान का बदला चुकाना क्यों चाह रहे हैं. आज़मगढ़ में भी भाई की हार की कहानी मायावती ने अखिलेश यादव के कारण ही क्यों लिखी है? अखिलेश यादव को ज़मीन में धंसा हुआ देखना क्या माया का एक सपना है! हम अंदर की कुछ कहानी बताने जा रहे हैं...ध्यान से पढ़िएअगले तीन मिनट तक कैसे सियासत का सबसे बड़ा बदला पूरा होने जा रहा है! 
मैनपुरी में लड़ाई अब यादव VS यादव हो गई है. डिंपल यादव जहां कमरिया यादव समाज से आती हैं वहीं BSP उम्मीदवार शिवप्रसाद यादव घोसी यादव हैं. मैनपुरी लोकसभा में कुल यादव वोटरों की संख्या करीब 4 लाख 25 हज़ार है! जिसमें से मायावती ने जिस उम्मीदवार को उतारा है वो घोसी समाज से आते हैं, यादवों में कुल घोसी यादवों की संख्या करीब 1 लाख 80 हज़ार है! यानि करीब 42.3 फीसदी वोटर मायावती के साथ जा सकते हैं! लेकिन सवाल उठता है कि मायावती ने ऐसा क्यों किया? 
लोकसभा चुनाव 2019 की बात है. मायावती अखिलेश यादव एक साथ आए, पहली बार अखिलेश यादव को मायावती के सामने पढ़कर पीसी में बोलते देखा गया! कन्नौज की रैली में मुलायम सिंह यादव और मायावती को एक साथ एक मंच पर बैठाया गया था, उस वक्त डिंपल यादव वहां पर गठबंधन की उम्मीदवार थी, बीएसपी से सतीश मिश्रा के साथ अखिलेश यादव का पूरा यादव कुनबा उस मंच पर बैठा था, ये तस्वीर जैसे ही दलितों के पास पहुंची, मायावती से भयानक नाराज़ हो गए, दलितों का कहना था जिन लोगों ने गेस्ट हाउस कांड को अंजाम दिया उनके साथ मायावती ने मंच साझा क्यों किया! मुलायम सिंह यादव की सरकार में गेस्ट हाउस कांड के दर्द को मिटाने के लिए अखिलेश यादव ने अपनी पत्नी डिंपल यादव से मंच पर मायावती के पैर तक छूने को कह दिया. जिसका असर यादवों में भी उल्टा पड़ा. सारा दांव उल्टा पड़ा..यादवों और दलितों में वैसे भी ज्यादा कुछ बनती नहीं है! मायावती इस बार डिंपल यादव को हरा कर अपने दलित वोटरों को ये संदेश देना चाहती हैं कि मायावती किसी के सामने झुकती नहीं है,यही कारण है कि अखिलेश यादव भी जानते हैं डिंपल की सीट फंस गई है! मुलायम सिंह यादव अब हैं नहीं तो किसी भी तरह की भावनाएं काम नहीं करने वाली है! 
 मैनपुरी में डिंपल की हार की और भी कई वजहें बन सकती है! यहां बीजेपी को कुछ किए बिना भी कई तरह के फायदे हो गए! मैनपुरी के लोग जानते हैं अखिलेश की किन गलतियों की वजह से डिंपल की सीट पर ख़तरा बढ़ गया है! हमारे संवाददाता ने कई यादवों से पूछा वोट किसको देंगे, जवाब आया हमारे लिए माई-बाप हैं अखिलेश यादव, कोई भी आए वोट अखिलेश यादव को देंगे, लेकिन ये कहानी का एक पहलू है! यादव वोटरों का बंटना, मुस्लिम वोटरों का बंटना, बीजेपी का ठाकुर उम्मीदवार होना. सबकुछ बहुत सेट लगता है! यहां हालात ऐसे बन रहे हैं जैसे मायावती और अखिलेश की लड़ाई में बीजेपी ने अपना सिक्का उछाल लिया हो...और अब सिक्का वही गिरेगा जहां मायावती चाहेंगी...लेकिन फायदा उनकी बजाय क्या बीजेपी को होने वाला है! कहते है जब बदला पूरा करना होता है तो अपनी हार-जीत नहीं बल्कि दुश्मन की हार जीत देखी जाती है!

mayawati Dimple Yadav Mainpuri लोकसभा चुनाव 2024

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