अब चुनाव ख़त्म हो गए हैं, और योगी फ्री हो गए हैं, अब योगी को UP को सुधारना है, लेकिन उससे भी बड़ी कई जिम्मेदारी उन्हें मिली है! योगी अब वो सब करेंगे जिसकी उम्मीद किसी मौलाना को नहीं है! फ्रंटफुट पर आगे बढ़कर जैसे रोहित शर्मा लॉन्ग ऑफ पर अच्छा छक्का लगाते हैं, ठीक वैसे ही योगी आदित्यनाथ करो या मरो की लड़ाई में कूद गए हैं!
RSS ने योगी को बड़ा बनाने के लिए चुनाव से पहले ही अपनी टीम यूपी में उतार दी थी...जो घर-घर जाकर योगी के नारे बटेंगे तो कटेंगे का मतलब समझा रही थी! पंडित धीरेंद्र शास्त्री पदयात्रा पर निकल चुके हैं, और ठाकुर देवकीनंदन महाराज तो पहले से ही सनातन बोर्ड की मांग कर चुके हैं...लेकिन योगी ने अभी शुरूआत नहीं की है!
अवैध मस्जिदों और अवैध मदरसों को चिन्हित करने का आदेश आ चुका है! योगी ने अपने अधिकारियों को साफ आदेश दिया है कि अगर किसी मस्जिद या किसी मजार या किसी मदरसे का पेपर सही नहीं है तो फिर कार्रवाई होगी! सरकारी ज़मीन पर बना कोई भी धार्मिक स्थल मान्य नहीं होगा! लेकिन RSS ने अब दूसरा मिशन भी दिया है!
वक्फ़ बोर्ड पर कानून आने वाला है! कानून आते ही सबसे ज्यादा अवैध वक्फ बोर्ड की ज़मीन UP में है, उसे खाली करवाना किसी पत्थर में सिर मारने से कम नहीं होगा! पंडित नेहरू की सरकार थी, मुसलमानों के हिसाब से कानून बनाए गए! अब उन तमाम कानूनों को मोदी सरकार पलट रही है, सीधे तौर पर ये तभी हो पाएगा जब राज्यों में सरकार होगी!
लखनऊ से लेकर यूपी के हर ज़िले में अवैध धार्मिक स्थलों की संख्या हज़ारों में है! यहां तक कि कितनों का पेपर तक नहीं है, कोई तालाब की जमीन पर है, तो कोई श्मशान-कब्रिस्तान की ज़मीन पर, कई ज़मीनें सरकारी थीं लेकिन उसपर पहले मस्जिद या मदरसा बना फिर उसे वक्फ बोर्ड का लैंड घोषित किया गया! हालांकि ये कानून अब लागू नहीं होगा!
संभल में अचानक एक मस्जिद का विवाद सामने आता है...कोर्ट में याचिका लगती है, उसी दिन सुनवाई होती है, उसी दिन सर्वे होता है, और जब तीन दिन बाद जुम्मे की नमाज होती है तो योगी आदित्यनाथ अपनी पूरी फोर्स उतार देते हैं...ये तस्वीरें संभल की हैं! कहा जाता है संभल में मस्जिद के अंदर भगवान हैं, और वहां मस्जिद नहीं मंदिर होना चाहिए!
संभल अपने आप में ही संवेदनशील जिला है! सैकड़ों और हज़ारों की संख्या में संभल में योगी ने हथियारों के साथ फोर्स उतार दी है...एक भी पत्थरबाज़ दिखाई नहीं दे रहा है...इसलिए RSS ने योगी को मिशन वक्फ बोर्ड दिया है..सरकारी संपत्ति तो खाली होगी ही...कोई कोर्ट जाए या फिर कोई विदेश में जाकर पाकिस्तानी परस्त लोगों के सामने आंसू बहाएं!
लेकिन इससे भी बड़ा एक और टास्क योगी को मिला है...तीसरा टास्क है जनसंख्या नियंत्रण कानून को लागू करवाना...UP में जनसंख्या नियंत्रण कानून लागू होना है, जिसका मसौदा भी तैयार है! RSS जनसंख्या नियंत्रण कानून की उम्मीद पहले नरेंद्र मोदी सरकार से कर रहा था. हालांकि जब वहां नहीं हो पाया तो अब बीजेपी की यूपी सरकार को जिम्मेदारी मिली है! योगी आदित्यनाथ ने इसे लेकर अब तक क्या-क्या काम किया है ज़रा समझिए!
दो से ज्यादा अगर किसी ने बच्चा पैदा किया तो उसे सरकारी नौकरी, सरकारी लाभ, राशन, या मकान जैसी योजना से दूर रखा जाएगा!
अगर एक बच्चा होने के बाद अगली बार जुड़वां बच्चे पैदा होते हैं, तो उसे टू चाइल्ड पॉलिसी का उल्लंघन नहीं माना जाना चाहिए!
साथ ही अगर किसी व्यक्ति का एक या दोनों बच्चे विकलांग है, तो उसे तीसरा बच्चा गोद लेने की इजाजत होनी चाहिए!
अगर किसी व्यक्ति का एक या दोनों बच्चे विकलांग हैं, तो उसे तीसरा बच्चा पैदा करने की इजाजत भी होनी चाहिए!
अगर किसी व्यक्ति के एक या दोनों बच्चों की मौत हो जाती है तो भी उसे तीसरा बच्चा पैदा करने की इजाजत होनी चाहिए!
इसके अलावा अगर कानून लागू होने से पहले ही किसी के दो बच्चे हों तो कानून लागू होने के एक साल के भीतर तक तीसरा बच्चा मान्य होगा.
लॉ कमीशन ने सिफारिश की है कि प्रदेश में बढ़ती आबादी को नियंत्रित करने और उसे स्थिर करने के लिए कानून बनाया जाना चाहिए.
इसके साथ ही जिन दो सरकारी कर्मचारियों के दो बच्चे हैं, उन्हें प्रोत्साहित किया चाहिए. वहीं, जिनका एक ही बच्चा है, उसे और ज्यादा प्रोत्साहित करना चाहिए.
सीधे तौर पर ये तीन काम योगी के लिए मुश्किल हैं. लेकिन योगी कर सकते हैं ये सबको यक़ीन है..कहा जाता है कि योगी को RSS ने ये नई लिस्ट सौंपी है!