लखनऊ : उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए चार संदिग्ध युवकों को गिरफ्तार किया है. कथित रूप से युवक ‘मुजाहिदीन आर्मी’ नामक संगठन बनाकर अलग गतिविधियों के जरिए भारत सरकार को गिराने और देश में शरिया कानून लागू करने की योजना बना रहे थे. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुल्तानपुर निवासी अकमल रजा, सोनभद्र निवासी सफर सलमानी उर्फ अली रजवी, कानपुर निवासी मोहम्मद तौसीफ व रामपुर निवासी कासिम अली के रूप में हुई है. एटीएस के अनुसार यह समूह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से युवाओं को कट्टरपंथ की ओर झुकाने के लिए काम कर रहा था. गैर-मुस्लिम धार्मिक नेताओं को टारगेट करने की खतरनाक योजना तैयार कर चुके थे.
जांच में सामने आया कि संगठन से जुड़े लोग आरोपी अक्सर गुप्त मीटिंग्स कर विचार-विमर्श करते थे. वे ऑनलाइन ग्रुप्स के जरिये ऑडियो मैसेज, वीडियो क्लिप्स व जिहादी साहित्य साझा कर अपने विचार को फैलाते थे. उनका उद्देश्य जिहाद के जरिए एक सशस्त्र संगठन खड़ा खड़ा करना था, जिसके लिए वे लगातार नए युवाओं की संगठन में भर्ती करने की कोशिश कर रहे थे. सूत्रों की माने तो इस ग्रुप में अब तक पचास से अधिक लोग जुड़ चुके थे.
एटीएस को जांच में ऐसे इनपुट मिले हैं कि यह समूह आगे कुछ गैर-मुस्लिम धार्मिक नेताओं की हत्या की योजना तैयार की थी. इसके अलावा संगठन के सदस्य हथियार, विस्फोटक और जरूरी सामग्री हासिल करने के लिए पैसों का इंतजाम भी कर रहे थे. सोशल मीडिया के जरिये फंडिंग की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी थी, ताकि संगठन को मजबूत आधार मिल सके और अपने मकसद में कामयाब हो सके.
गिरफ्तारी के दौरान एटीएस ने आरोपियों से पांच मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड्स और एक डिजिटल पेमेंट स्कैनर बरामद किया है. शुरुवाती जांच से पता चला है कि इनका इस्तेमाल फंड जुटाने और गुप्त संवाद के लिए किया जा रहा था. अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों से आगे पूछताछ कर पूरे नेटवर्क और इसके विदेशी कनेक्शन की जांच कराई जाएगी.
एसएसपी एटीएस ने बयान जारी करते हुए कहा यह गिरफ्तारी प्रदेश की शांति व सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना गया है. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ती कट्टरता को रोकने के लिए हमारी टीमें सोशल मीडिया पर सतर्क हैं और हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.