लोकसभा चुनाव के लिए पहले चरण की वोटिंग शुरू हो चुकी है. जिन सीटों पर मतदान हुआ वहां की जनता ने बढ़-चढ़ कर मतदान में हिस्सा लिया। बूथ पर लम्बी-लम्बी कतारें लगी हुई थीं. लेकिन एक ऐसा बूथ भी है जो लोकतंत्र के महापर्व के दौरान सूना पड़ा रहा. जहां कोई वोट डालने नहीं पहुंचा।
ये वीडियो जो आपने अभी देखा ये शामली जनपद में कांधला क्षेत्र के गांव रसूलपुर गुजरान का है. वीडियो में देखा जा सकता है कि पूरे बूथ पर सन्नाटा छाया हुआ है. बूथ इंचार्ज खाली बैठे हुए हैं. गिने-चुने लोग वोट डाल रहे हैं. ग्रामीणों ने मोदी सरकार के प्रति अपना गुस्सा ज़ाहिर करते हुए मतदान का बहिष्कार कर दिया है।
शामली के कांधला थाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर गुजरात में ग्रामीणों ने फर्जी मुकदमे होने के चलते चुनाव का बहिष्कार किया है। कोई भी अभी तक मतदान केंद्र पर मतदान करने के लिए नहीं पहुंचा है। बूथ फोर्स भी मौके पर तैनात है। ग्रामीणों ने इकट्ठा होकर एक मत होकर ये ऐलान किया है। इससे पहले भी ग्रामीणों ने इस फैसले की जानकारी प्रशासन में राजनीतिक लोगों को दे दी थी ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उन्हें कोई ठोस आश्वासन नहीं मिल जाता उनकी समस्या का समाधान नहीं हो जाता तब तक इस गांव का कोई भी मतदाता वोट नहीं करेगा। कोई भी मतदाता मतदान केंद्र पर दिखाई नहीं दिया। बल्कि ग्रामीण मतदान केंद्र से दूर एक स्थान पर इकट्ठे होकर विरोध कर रहे हैं।
क्षेत्र के भाजपा नेता विधान परिषद सदस्य पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह रसूलपुर गुजरान में पहुंचकर ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया। देखना होगा कि चुनाव बहिष्कार के बाद भी इन ग्रमीणों की सुनवाई हो पाती है या नहीं?