नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने गुरुवार को देशभर में क्या बोलती पब्लिक नाम का जन-संपर्क अभियान शुरू करने की घोषणा की. इस पहल का मकसद आम नागरिकों से सीधे जुड़ना और उनकी समस्याओं को करीब से समझना है. दिपके ने अभियान की शुरुआत करते हुए शिक्षा व्यवस्था में सुधार को पहली प्राथमिकता बताया.
उन्होंने स्कूल, कॉलेज और कोचिंग की बढ़ती फीस पर चिंता जताई. उनका कहना था कि अच्छी शिक्षा आम परिवारों के लिए मुश्किल होती जा रही है. अभिजीत दिपके ने कहा कि शिक्षा में सुधार हमारा पहला मुद्दा होगा. देश में शिक्षा महंगी हो गई है. पहली कक्षा की सालाना फीस 1 लाख से 2 लाख रुपए तक पहुंच गई है. इसके अलावा डोनेशन भी देना पड़ता है. जिन परिवारों की आमदनी इतनी नहीं है, वे इतना पैसा कहां से लाएंगे?
उन्होंने दावा किया कि कॉलेज और कोचिंग फीस के कारण कई माता-पिता बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज लेने को मजबूर हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम परिवारों को इस बोझ से मुक्त करना चाहते हैं. अगर माता-पिता बच्चों को उच्च शिक्षा दिलाना चाहते हैं तो उन पर बोझ नहीं पड़ना चाहिए.
डॉ. बी.आर. अंबेडकर का हवाला देते हुए दिपके ने कहा कि शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, लेकिन पिछले कुछ सालों में यह मुनाफा कमाने का व्यापार बन गया है. हम शिक्षा को फिर से मौलिक अधिकार बनाना चाहते हैं, न कि कमाई का जरिया. यह अभियान सितंबर से पूरे देश में चलाया जाएगा. इसके जरिए CJP युवा बेरोजगारी, शिक्षा सुधार और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को राजनीतिक एजेंडे का केंद्र बनाने की कोशिश करेगी.