कीव/मॉस्को: रूस-यूक्रेन युद्ध में एक नया और खतरनाक मोड़ आ गया है. उत्तर कोरिया ने रूस को नई बैलिस्टिक मिसाइलों की बड़ी खेप भेजी है और युद्ध प्रयासों को समर्थन देने के लिए एक विशेष मिसाइल यूनिट भी तैनात की है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इस पर नाराजगी जताते हुए बड़ा आरोप लगाया है.
यूक्रेन की सैन्य खुफिया एजेंसी (HUR) के अनुसार, इस तैनाती में लगभग 90 उत्तर कोरियाई कर्मी, छह मिसाइल लॉन्चर और 120 बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल हैं. इनमें 40 नई आपूर्ति की गई केएन-23 और केएन-24 मिसाइलें भी हैं. यह यूनिट पश्चिमी रूस के वोरोनिश क्षेत्र में रूसी 112वीं मिसाइल ब्रिगेड के साथ तैनात की जा रही है.
यूक्रेन का आरोप
यूक्रेन का कहना है कि अमेरिका में बनी पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का स्टॉक कम होने से बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाव की उसकी क्षमता सीमित हो रही है. यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, केएन-23 और केएन-24 मिसाइलों की रेंज रूसी इस्कंदर मिसाइलों से ज्यादा है और इनमें बड़ा वॉरहेड होता है, लेकिन सटीकता कम है.
कई हमलों में आम नागरिकों को भारी नुकसान हुआ है. यह आरोप ऐसे समय में लगा है जब रूस यूक्रेन पर अपने मिसाइल हमले तेज कर रहा है. उत्तर कोरिया की यह तैनाती मॉस्को और प्योंगयांग के बीच बढ़ते सैन्य सहयोग का संकेत है. जून 2024 में पुतिन की प्योंगयांग यात्रा के दौरान दोनों देशों ने ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी संधि’ पर हस्ताक्षर किए थे.
इस समझौते के तहत एक पर हमला होने पर दूसरे को सैन्य सहायता देनी होगी. दक्षिण कोरिया के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, उत्तर कोरिया ने पहले भी रूस को लाखों आर्टिलरी शेल और गोला-बारूद भेजे हैं. अप्रैल 2025 में उत्तर कोरिया ने पहली बार स्वीकार किया था कि उसने रूसी सेना के साथ लड़ने के लिए सैनिक तैनात किए थे.