तेहरान/मस्कट: विश्व का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जल्द ही फिर से खुल सकता है. ईरान और ओमान के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर सहमति बन गई है, जिसके तहत जहाजों को बिना किसी शुल्क या टोल के इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने की अनुमति दी जाएगी.
रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देश शिपिंग रूट पर अंतिम रूप दे रहे हैं. नए अस्थायी व्यवस्था के तहत आवक (Inbound) ट्रैफिक ईरान के करीब वाले रूट से गुजरेगा, जबकि जावक (Outbound) ट्रैफिक ओमान के पास वाले रूट से गुजरेगा. यह व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) और अमेरिका की भागीदारी के साथ घोषित की जा सकती है.
यह डील अस्थायी है और इसका मकसद पहले हुए सीजफायर और 14-पॉइंट मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर वापस लौटना है. इसके तहत 60 दिनों की समयसीमा शुरू होगी, जिसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम, जमे हुए संपत्तियों और होर्मुज की स्थायी व्यवस्था पर बातचीत होगी. इस अवधि में ईरान को तेल बेचने में भी राहत मिलने की उम्मीद है.
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों ने भी इस अस्थायी समझौते का समर्थन किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कहा है कि होर्मुज को फिर से खोलने की दिशा में काफी प्रगति हुई है और जल्द ही कोई घोषणा हो सकती है.
ईरान ने फरवरी 2026 में अमेरिका-इजराइल के हमलों के बाद इस जलमार्ग पर अपना नियंत्रण बढ़ा लिया था, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई थी. अब यह डील ऊर्जा बाजारों के लिए राहत की खबर बन सकती है. सूत्रों के अनुसार, कोई भी फीस या टोल नहीं लिया जाएगा. यह व्यवस्था युद्धविराम की ओर एक बड़ा कदम मानी जा रही है.