हरियाणा : मुंबई के बड़े कपड़ा व्यापारी रहे शिवचरण रामरत्न गुप्ता की मौत के बाद सामने आई कहानी ने कई लोगों को भावुक कर दिया है. 74 वर्षीय शिवचरण गुप्ता का निधन हरियाणा के सोनीपत स्थित एक वृद्धाश्रम में हुआ, जहां वह पिछले तीन वर्षों से रह रहे थे. बताया गया कि उनकी पत्नी का भी करीब दो वर्ष पहले इसी वृद्धाश्रम में निधन हो गया था.
वृद्धाश्रम प्रबंधन के अनुसार, मंगलवार को शिवचरण गुप्ता के निधन के बाद उनकी तीनों बेटियों को तुरंत सूचना दी गई. तीनों बेटियां पेशे से शिक्षिका हैं. आश्रम का दावा है कि सूचना मिलने के बावजूद कोई भी बेटी अंतिम दर्शन के लिए सोनीपत नहीं पहुंची. प्रबंधन के मुताबिक, एक बेटी ने व्यस्तता का हवाला दिया, जबकि दूसरी ने दूरी अधिक होने की बात कही.
आश्रम संचालकों का कहना है कि बेटियों ने अंतिम संस्कार के लिए ऑनलाइन 5,100 रुपये भेज दिए और अनुरोध किया कि अंतिम संस्कार सोनीपत में ही कर दिया जाए. जब मुखाग्नि देने की प्रक्रिया की बात आई तो उन्होंने कथित तौर पर वीडियो कॉल के माध्यम से पूरी अंतिम संस्कार प्रक्रिया दिखाने के लिए कहा.
इसके बाद आश्रम के सहयोग से शिवचरण गुप्ता का अंतिम संस्कार स्थानीय स्तर पर कराया गया. यह घटना सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर परिवार, बुजुर्गों की देखभाल और बदलते सामाजिक मूल्यों को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है. हालांकि, बेटियों की ओर से इस मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, इसलिए उनके पक्ष की आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है.