पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में असेंबली चुनावों के बीच स्थानीय लोग अपने अधिकारों के लिए जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे हैं, जिसके चलते पाकिस्तान सरकार पीओके के स्थानीय लोगों पर हिंसक कार्रवाई कर रही है। हिंसक कार्रवाई के चलते अभी तक 50-80 प्रदर्शनकारियों की मौत का अनुमान लगाया जा रहा है।
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन के खिलाफ आवाजें ब्रिटेन तक गूंज उठी हैं। ब्रिटिश कश्मीरी समुदाय ने ब्रैडफोर्ड शहर में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन निकाला, जिसमें पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई। वहीं, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी की मांगों पर समर्थन जताया गया। इसके साथ ही उन्होंने ब्रिटिश सरकार और संयुक्त राष्ट्र से पीओके में हो रही हिंसा की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
प्रदर्शन के दौरान ब्रिटिश कश्मीरी समुदाय के प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पिछले दो महीनों से पीओके में हो रही सैन्य कार्रवाई में स्थानीय निवासियों को निशाना बनाया जा रहा है, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। उन्होंने ब्रिटिश सरकार, संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से पीओके में हो रहे मानवाधिकारों के उल्लंघन की निष्पक्ष जांच की अपील की।
वहीं, भारत ने इस पूरे मामले में अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "जैसा कि हम पहले कह चुके हैं, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में चल रहे विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान द्वारा लोगों के आर्थिक शोषण और उन्हें मानवाधिकारों से वंचित रखने का नतीजा हैं।"