गोरखपुर: सपनों की दुनिया में खोई एक युवती ने दो महीने में अरबपति बनने का ख्वाब देखा और उसके लिए रिश्तेदारों समेत कई लोगों को ठगी का शिकार बना डाला. गोरखपुर में रेलवे स्टेशन अधीक्षक की बेटी गरिमा सिंह ने अपने पिता के साथ मिलकर यह महाफ्रॉड रचा. अब दोनों जेल की सलाखों के पीछे हैं.
गरिमा सिंह की डायरी से पूरा कच्चा चिट्ठा सामने आया. उसने लिखा था, ''मैं गरिमा सिंह, अप्रैल 2026 तक अरबपति बनूंगी. यह मेरा लक्ष्य है. मेरे सभी लोन अप्रैल से मई तक खत्म हो जाएंगे. अप्रैल से मई तक मेरा लक्ष्य 100 करोड़ रुपए कमाना है. गरिमा सिंह करोड़पति है. धन्यवाद भगवान.''
कैसे हुआ फ्रॉड?
गरिमा ने लोन माफ कराने और पर्सनल लोन दिलाने के नाम पर लोगों को झांसा दिया. उसने रिश्तेदारों और रेलवे कर्मचारियों के दस्तावेज लेकर कई बैंकों से करोड़ों का लोन पास करा लिया. पीड़ितों से कहा कि ईएमआई वह खुद भरेगी और उनका पुराना लोन भी माफ करवा देगी. एक रिश्तेदार रेलवे अधीक्षक सत्यप्रकाश सिंह से अकेले 1.67 करोड़ रुपए की ठगी की. दूसरे से 91 लाख रुपए ठगे.
कुल मिलाकर 15-20 लोगों से ठगी हुई, जिनमें कई रेलवे अधिकारी और रिश्तेदार शामिल हैं. पुलिस जांच में अब तक 3.5 करोड़ रुपए से ज्यादा का फ्रॉड सामने आया है. आरोपियों के पास से करीब 3 करोड़ रुपए बरामद भी हुए हैं.
पिता-बेटी गिरफ्तार
गोरखपुर एम्स थाना क्षेत्र के महादेवी झारखंडी कॉलोनी निवासी स्टेशन अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह और उनकी बेटी गरिमा सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. सहयोगियों विशाल यादव, राजेंद्र कुमार समेत कई लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है.
गरिमा शादीशुदा है और पति कुशीनगर में टीचर हैं, लेकिन वह पिता के साथ गोरखपुर में रहती थी. पुलिस का कहना है कि लोगों को लगा कि उनका लोन माफ हो जाएगा, इसलिए वे लालच में आ गए. जल्द अरबपति बनने की चाहत ने इस बाप-बेटी को जेल पहुंचा दिया.