नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़े ऑपरेशन में 28 साल से फरार चल रहे कुख्यात आरोपी राजिंदर बैरागी उर्फ राजिंदर सिंह यादव उर्फ ‘डॉ. झटका’ को गिरफ्तार कर लिया है. 53 वर्षीय इस आरोपी को मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले के मुंगावली से पकड़ा गया. राजिंदर पर हरियाणा पुलिसकर्मी जय भगवान की हत्या, दिल्ली और हरियाणा में कई हत्या के प्रयास के मामले और पुलिस हिरासत से भागने का आरोप है. 1997 में दिल्ली के जनकपुरी थाने में दो केस दर्ज हुए थे.
2008 में रोहिणी कोर्ट ने उसे प्रॉक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित कर दिया था. 10 मई 1998 की रात सोनीपत के गांव सैयां खेड़ा में शादी के दौरान झगड़ा हो गया. राजिंदर और उसके पांच सशस्त्र साथियों ने पिस्तौल से अंधाधुंध फायरिंग की. दुल्हन के चाचा और हरियाणा पुलिसकर्मी जय भगवान की मौके पर ही मौत हो गई. एक और व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ.
बाद में राजिंदर गिरफ्तार हुआ, लेकिन 14 फरवरी 1999 को जब यूपी पुलिस उसे गाजियाबाद जेल से सोनीपत कोर्ट ले जा रही थी, तब वह हथकड़ी पहने होने के बावजूद हिरासत से फरार हो गया. भागने के बाद वह महाराष्ट्र के कोलाबा में एक केंद्रीय विद्यालय में शारीरिक शिक्षा शिक्षक बनकर करीब एक साल रहा. फिर मध्य प्रदेश के मुंगावली में जाकर राजेंद्र सिंह यादव के नाम से नई पहचान बनाई. 2003 में उसने ममता यादव से शादी कर ली, जो सरकारी अस्पताल में एएनएम के रूप में काम करती हैं.
दोनों के दो बच्चे हैं. वहां वह झोलाछाप डॉक्टर बन गया और स्थानीय लोग उसे ‘डॉ. झटका’ कहने लगे. साथ में प्रॉपर्टी डीलिंग भी करता था. उसने आधार, पैन, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस और डोमिसाइल सर्टिफिकेट जैसी कई दस्तावेज नई पहचान से बनवा लिए थे.
क्राइम ब्रांच की टीम ने फील्ड इंटेलिजेंस और डिजिटल निगरानी के जरिए उसकी पहचान और ठिकाना पता लगाया. इंस्पेक्टर संजय कौशिक के नेतृत्व में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया. अब उसे दिल्ली लाया जा रहा है. डीसीपी क्राइम ब्रांच चंदर कुमार सिंह ने कहा कि यह गिरफ्तारी दशकों से भाग रहे अपराधियों को पकड़ने की क्राइम ब्रांच की प्रतिबद्धता को दर्शाती है. आगे की पूछताछ जारी है.