अमेरिकी खुफिया अधिकारियों के मुताबिक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन यूक्रैन के बाद नाटों( NATO) देशों पर सैन्य कारवाई की तैयारी में है। इन सैन्य कारवाई में साइबर हमलें और हाइबरिड अभियान शामिल है जिनमें रूस की भुमिका बताना मुश्किल है अमेरिकी खुफिया अधिकारियों के मुताबिक, पुतिन के जोखिम लेने के तरिके में भी फरक दिखा है।
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा की रूस बड़ी सैन्य कारवाई करने के बजाय इसकी जगह वह अन्य साधनों से कारवाई कर सकते है रूस के राष्ट्रपति पुतिन नाटो देशों की एकता को देखना चाहते है अमेरिका और नाटो देशों पर हुई कारवाई का जवाब कैसे देगा इसे परखना चाहते है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने अमेरिका और नाटो द्वारा 2022 से लगाए गए प्रतिबंधो को बेअसर बताया पश्र्चिमि देशों ने 2022 से रफ्तार दी और रिकॉर्ड संखया में प्रतिबंध लगाए है। राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन अमेरिका और नाटो देशों के दोहरे मापदंड का जिक्र करते है वह कपते है की पश्र्चिमि देश अपने हित के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र के चार्टर का उपयोग करते है। पुतिन ने पिछले पांच सालो को बेहद मुश्किल और अहम बताया है रूस के इतिहास को दोहराते हुए राष्ट्रपति पुतिन बाहरीं खतरों का सामना करने की बात करते है।
वहीं नाटो प्रमुख मार्क रूटे ने यूरोप और अमेरिका को रूसी खतरे के बारें में अप्रैल अवगत कराया था नाटो देशों की सेना रूसी सेना को घूसपैठ को रोकने के लिए लगातार काम कर रहीं है।