अमेरिकी सीनेट ने रूस से तेल खरिदने वाले देशों के लिए ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रूस एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ को भारी बहुमत से सीनेट ने पारित कर दिया है। इस विधेयक के तहत जो देश रूस से तेल और गैस खरीदना जारी रखेंगे उनके समान पर 100 फीसदी टैरिफ लागू किया जाना चाहिए। अमेरिका इस विधेयक को लागू करके रूस को आर्थिक क्षति पहुचानां चाहता है।
रूस से समान खरिदने वालेम देशों में भारत समेत चीन, हंगरी, अजरबैजान और स्लोवाकिया जैसे देश शामिल है। अमेरिका इस विधेयक के तहत रूस पर भी कडे प्रतिबंध लागू करने को तैयार है जिससे रूस की उर्जा कमाई आहत हो सकें। इस ही बीच, रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल ने भारत पर 100फीसदी टैरिफ लगाने पर अमेरिकी सरकार पर निशाना साधा उन्होनें कहा जिस समय चीन से हमे रणनीतिक मुकाबले में भारत के सहयोग की जरूरत है, वहीं भारत पर 100फीसदी टैरिफ लगाने की बात आत्मघाती है, यह भारत जैसे साझेदार को दूर धकेलना हुआ। वह अमेरिका सरकार को भारत और चीन के नजदीक आने की संभावना जताई, सीनेटर रैंड पॉल ने इसे ‘अपने ही पैर पर गोली मारने जैसा’ बताया।
डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसदों ने भी विधेयक पर सवाल उठाए है वह राष्ट्रपति को मिलने वाली शक्तियां और वैश्र्विक व्यपार पर असर पडने को लेकर चिंतत है। इस विधेयक का असर संभावित अमेरिका की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है।