नई दिल्ली: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों को लेकर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने राज्य सरकार को सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने शुक्रवार को संसद परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अगर 13 अगस्त तक कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया तो संसद सत्र खत्म होने के बाद वे छात्रों के साथ आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे. दुबे ने बताया कि अनशन के लिए उन्होंने पार्टी अध्यक्ष से अनुमति मांगी है. अनुमति मिलने पर 13 अगस्त के बाद वे रांची पहुंचकर भूख हड़ताल शुरू करेंगे.
बीजेपी सांसद ने इस मौके पर राहुल गांधी पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को जॉर्ज सोरोस ने बात करने के लिए कहा. जो भी एजेंडा वे तय करते हैं, वह अमेरिका के दबाव में ही करते हैं. उन्होंने कांग्रेस, जेएमएम और आरजेडी पर निशाना साधते हुए पूछा कि पिछले सात-आठ साल में इन पार्टियों के कितने नेताओं के रिश्तेदारों ने झारखंड में नौकरियां हासिल की हैं. दुबे ने कहा कि मुख्य आरोपी अभय तिवारी का बयान आया है कि वह 80 लाख से एक करोड़ रुपये तक लोगों से पैसे लेता था और सदस्यों तथा चेयरमैन तक पहुंच बनाता था.
दुबे ने कहा कि इसमें कितना बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है? कितनी माताओं ने गहने बेचे, कितने पिताओं ने जमीन बेच दी? कांग्रेस, जेएमएम और आरजेडी ने युवाओं पर जो सितम ढाया है, उसकी लिस्ट होनी चाहिए. निशिकांत दुबे का यह बयान रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच आया है.
छात्र विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे हैं. उनकी मांग है कि सीबीआई जांच हो, प्रभावित परीक्षाएं रद्द की जाएं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई जाए. बीजेपी सांसद ने साफ कर दिया है कि छात्रों के हित में वे किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. अब नजरें झारखंड सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं.