मेरठ : उत्तर प्रदेश के मेरठ में मेट्रो स्टेशन के सामने सड़क किनारे अपनी मां के साथ सो रही 9 माह की बच्ची के अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया. बच्ची के गायब होने के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की और करीब 200 CCTV कैमरों की फुटेज खंगालकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ीं. पुलिस की जांच आखिरकार तीन आरोपियों तक पहुंची और बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया गया.
पुलिस के मुताबिक, बच्ची का अपहरण यूसुफ और हुस्ने आलम ने किया था. जांच में सामने आया कि दोनों ने बच्ची को कथित तौर पर अकबर को बेच दिया था. बच्ची के गायब होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास के इलाके के CCTV फुटेज जुटाए. फुटेज में संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रेस करते हुए पुलिस ने उनके आने-जाने के रास्ते और संपर्कों की पड़ताल की.
करीब 200 सीसीटीवी कैमरों की जांच के बाद पुलिस को अहम सुराग मिले. इसके आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया. पूछताछ में बच्ची को बेचने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज की और आखिरकार मासूम को सकुशल बरामद कर लिया.
बच्ची के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस वारदात के पीछे सिर्फ यही तीन लोग थे या बच्चियों और बच्चों की खरीद-फरोख्त से जुड़ा कोई बड़ा नेटवर्क भी सक्रिय है. आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस उनके अन्य संपर्कों और संभावित खरीदारों की जानकारी जुटा रही है.
मेरठ में इससे पहले भी बच्चों के अपहरण और तस्करी से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं, जिनमें पुलिस ने सीसीटीवी और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से आरोपियों तक पहुंच बनाई है. फिलहाल सबसे बड़ी राहत यह है कि जिस मासूम को रात के अंधेरे में सड़क से उठा लिया गया था, वह पुलिस की कार्रवाई के बाद सकुशल अपने परिवार तक पहुंच गई.