मुंबई में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता शशि थरूर ने छात्र आंदोलन के दौरान अपनी पार्टी के रुख पर तंज कसा। दरअसल, शशि थरूर मुंबई में आईएमयूएन की 15वीं वर्षगांठ के कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल अप्रासंगिक रहेंगे, जब तक वे नई आवाज़ों को नहीं सुनते। हमें उसी समय उन्हें सुन लेना चाहिए था।
शशि थरूर ने कहा कि ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ और जंतर-मंतर प्रदर्शन से पहले कांग्रेस ने छात्रों के मुद्दे को उठाया था। राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम आयोजित किया था, लेकिन उसका कोई खास असर नहीं हुआ।
शशि थरूर ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि हमें खुद से सवाल पूछने चाहिए कि हम क्या करने में असफल रहे? क्या हम जेन जी की नब्ज समझने में नाकाम रहे? क्या हम सुनने में असफल रहे?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने जंतर-मंतर प्रदर्शन का अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैं जंतर-मंतर भाषण देने नहीं गया था, मैं वहाँ सुनने गया था। मैंने युवाओं से बात की। उन्होंने मुझे चारों ओर से घेरकर अपनी कहानियां और अनुभव बताए।”
अपनी पार्टी से अलग विचारधारा होने पर शशि थरूर ने कहा कि वे कांग्रेस को सबसे कम अलोकतांत्रिक पार्टी नहीं मानते। उन्होंने कहा, “मैं अपनी पार्टी के प्रति बेवफा नहीं हूँ, लेकिन मैं अपने विचार स्वतंत्र रूप से व्यक्त करता हूँ। कांग्रेस मेरे विचारों के सबसे करीब है।”