नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को कड़ी फटकार लगाई. कोर्ट ने उनके उस अनुरोध को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने हेट स्पीच केस में पुलिस के सामने वर्चुअली पेश होने की अनुमति मांगी थी.
जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि आप संसद सदस्य हैं. राजनीति में कदम रखने के बाद अंडों से डरती हैं? जबकि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी छाती पर गोलियां खाई थीं. ऐसी याचिकाएं इस अदालत के सामने आनी ही नहीं चाहिए.
क्या था मामला?
महुआ मोइत्रा ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसमें उन्हें 14 अगस्त को पुलिस स्टेशन में व्यक्तिगत रूप से पेश होने को कहा गया था. उनके वकील गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि पिछले दौरे में धमकियां मिली थीं और उन पर अंडे भी फेंके गए थे. इसलिए वर्चुअल पेशी की अनुमति दी जाए.
कोर्ट ने हस्तक्षेप से इनकार कर दिया. इसके बाद वकील ने याचिका वापस ले ली, जिसे खारिज कर दिया गया. हाईकोर्ट ने पहले मोइत्रा को अक्टूबर 5 तक जबरदस्ती कार्रवाई से सुरक्षा दी थी, लेकिन जांच में सहयोग करने को कहा था. मामला धार्मिक भावनाएं आहत करने से जुड़ी शिकायत का है.