परिसीमन बिल को समर्थन दे सकती है डीएमके, केंद्र सरकार के सामने रखीं 3 बड़ी शर्तें

Global Bharat 07 Aug 2026 03:01: PM 1 Mins
परिसीमन बिल को समर्थन दे सकती है डीएमके, केंद्र सरकार के सामने रखीं 3 बड़ी शर्तें

केंद्र सरकार संसद के मॉनसून सत्र में परिसीमन विधेयक को सदन में पेश करने की तैयारी में जुट गई है। मॉनसून सत्र में परिसीमन विधेयक के संशोधित स्वरूप को पेश करने के लिए केंद्र सरकार राजनीतिक संगठनों से समर्थन जुटा रही है।

वहीं, ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) परिसीमन बिल के संशोधित स्वरूप को सदन में समर्थन देने पर विचार कर रही है। अगर केंद्र सरकार अप्रैल में पेश किए गए परिसीमन बिल में बदलाव करती है, तो द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) बिल के समर्थन पर विचार कर सकती है।

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने परिसीमन बिल को समर्थन देने के लिए केंद्र सरकार के सामने तीन शर्तें रखी हैं:-

  1. जनगणना के आधार पर सीटों की संख्या अगले 25 वर्षों तक तय रहे।
  2. नए बिल के आधार पर हर राज्य की लोकसभा सीटें 50 फीसदी बढ़ें।
  3. लोकसभा में नए विधेयक पेश करते समय संशोधित लोकसभा सीटों की सूची भी प्रकाशित की जाए।

लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि 1971 की जनगणना के आधार पर सीटों की संख्या पर लगी रोक 2027 में खत्म हो जाएगी। ऐसे में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने अपनी तीन शर्तों में सीटों की संख्या 25 वर्षों तक तय रखने और लोकसभा सीटों में 50 फीसदी बढ़ोतरी की मांग की है।

केंद्र सरकार ने अप्रैल में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 और परिसीमन विधेयक, 2026 को पारित करने के लिए लोकसभा का विशेष सत्र बुलाया था। हालांकि, सदन के विशेष सत्र के दौरान यह बिल पारित नहीं हो सका। मॉनसून सत्र के दौरान सरकार परिसीमन विधेयक में बदलाव करके इसे दोबारा सदन में पेश कर सकती है।

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