रामपुर : उत्तर प्रदेश के रामपुर में गौ तस्करों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के बाद एसपी अनिल सिसौदिया का एक बयान चर्चा में आ गया है. गौ तस्करों को लेकर एसपी ने ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जिस पर विवाद खड़ा हो सकता है. पुलिस के मुताबिक थाना अजीमनगर क्षेत्र के इमारत के जंगल में कुछ लोग कथित तौर पर गौकशी की योजना बना रहे थे. सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की.
पुलिस के अनुसार, इस दौरान कथित गौ तस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ हुई, जिसमें शहादत नाम के एक आरोपी के पैर में गोली लगने की बात सामने आई है. घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि पुलिस ने मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.
मुठभेड़ के बाद रामपुर एसपी अनिल सिसौदिया ने गौ तस्करी को लेकर कड़ा बयान दिया. उन्होंने दारुल उलूम देवबंद का जिक्र करते हुए कहा कि इस्लाम में ऐसे पशु को काटना या उसका मांस खाना जायज नहीं है, जिससे किसी दूसरे धर्म के व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचती हो.
एसपी ने कहा कि सच्चा मुसलमान इस तरह का काम नहीं कर सकता. इसके बाद उन्होंने गौ तस्करों को लेकर बेहद आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि या तो वे मुसलमान नहीं हैं या फिर ‘बहुत हरामी हैं. उन्होंने आगे कहा कि इन हरामियों का इलाज करना ही मेरा काम है.
एसपी का यह बयान अब कार्रवाई से ज्यादा चर्चा का विषय बन गया है. एक तरफ पुलिस गौ तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई का दावा कर रही है, तो दूसरी तरफ पुलिस अधिकारी की अमर्यादित भाषा को लेकर सवाल उठने की संभावना है.