सीतापुर: उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में शहर कांग्रेस कमेटी के ऐतिहासिक कार्यालय को लेकर प्रशासन का बड़ा फैसला आ गया है. तामसेनगंज स्थित घंटाघर भवन की पहली मंजिल पर चल रहे कांग्रेस कार्यालय को 15 दिन के भीतर खाली करने का आदेश दिया गया है.
नगर पालिका परिषद की अधिशासी अधिकारी एवं न्यायिक उपजिलाधिकारी सीमा सिंह ने कांग्रेस कमेटी की आपत्तियों को खारिज करते हुए भवन का कब्जा नगर पालिका को सौंपने के निर्देश जारी किए हैं. आदेश में साफ कहा गया है कि निर्धारित समय में परिसर खाली नहीं किया गया तो पुलिस बल की मदद से जबरन कब्जा खाली कराया जाएगा.
इसकी लागत भी संबंधित पक्ष से वसूली जाएगी. जिलाधिकारी के स्थलीय निरीक्षण में नजूल भूखंड संख्या 244/1 पर स्थित घंटाघर भवन के प्रथम तल पर कांग्रेस कार्यालय संचालित मिलने के बाद नजूल मैनुअल के नियम-74 के तहत कार्रवाई शुरू हुई.
नगर पालिका के अभिलेखों के अनुसार, अंतिम किराया 6 फरवरी 1971 को सिर्फ 320 रुपए जमा किया गया था. उसके बाद 55 साल से किराया नहीं दिया गया. कांग्रेस कमेटी ने दावा किया था कि 1972 से भवन पर उनका कब्जा है और तत्कालीन सरकार ने आवंटन किया था, लेकिन वैध पट्टा, लीज डीड या इकरारनामा पेश नहीं कर पाई.
नजूल भूमि पर स्वामित्व राज्य सरकार का होता है. सक्षम अनुमति के बिना कब्जा अवैध माना गया. इस आधार पर कांग्रेस की आपत्तियां निरस्त कर दी गईं और कार्यालय खाली करने का अंतिम आदेश पारित किया गया.