उत्तर प्रदेश (UP) में तबादलों का दौर चल ही रहा है इसी बीच योगी सरकार ने दो ऐसे तबादले किए, जिसने राज्य की सियासत को गरमाया ही साथ ही चर्चा को भी तेज़ का दिया. क्योंकि इन दोनों अधिकारीयों को मुख्यमंत्री कार्यालय बुला लिया गया है. वहीं, इस तबादले की चर्चा होने की दूसरी वजह है इन अधिकारीयों का दलित और जैन होना. दरअसल मुख्यमंत्री कार्यालय में दो नए विशेष सचिव की तैनाती कर दी गई है. एक हैं विपिन कुमार जैन जो ACEO यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण से विशेष सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय बनाए गए हैं.
वहीं दूसरे हैं ब्रजेश कुमार जो अपर आयुक्त मुरादाबाद मंडल से विशेष सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय बनाए गए हैं. कौन हैं ये अधिकारी इनके बारे में विस्तार से जान लेते हैं. पहले बात करेंगे बृजेश कुमार की जो 2014 बैच के प्रमोटी IAS अधिकारी हैं. मूल रूप से बृजेश कुमार अंबेडकर नगर के रहने वाले हैं. इससे पहले बृजेश कुमार मुरादाबाद मंडल के अपर आयुक्त उससे पहले 2023 में ये ग्रेटर नोएडा के एसीईओ और गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के सचिव की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं.
बता दें कि बृजेश कुमार उन पांच अधिकारीयों में शामिल थे. जिनका बेच बदला गया था. यूपी ब्यूरोक्रेसी के 2015 बैच के अफसरों का DOPT ने बैच बदलकर 2014 कर दिया था. यह फैसला CAT से जीत हासिल करने के बाद IAS अफसरों के फेवर में किया गया था. इन्हें नियमता 2014 मिलना चाहिए था, लेकिन प्रमोशन के बाद DOPT ने 2015 अलॉट कर दिया था, जिसके लिए इन्होंने CAT का दरवाजा खटखटाया था, जहां इन अफसरों को जीत हासिल हुई थी.
अब बात करते हैं दूसरे सचिव की. जिनका नाम है विपिन कुमार जैन, बता दें कि विपिन कुमार जैन अब तक यमुना विकास प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर तैनात थे. विपिन कुमार जैन 2016 बैच के आईएएस अफसर हैं. इससे पहले खनन विभाग के एडिशनल डायरेक्टर और विशेष सचिव भी रह चुके हैं. वह गौतमबुद्ध नगर जिले में 29 सितंबर 2023 को आए थे, लेकिन अब उनका ट्रांसफर हो गया है.
आपको जानकारी के लिए बता दें कि विपिन कुमार जैन की पत्नी अपर्णा गर्ग ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण में तैनात हैं. वह ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर तैनात हैं. उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के बाद से ही तबादलों का दौर लगातार जारी है. लगातार प्रशासनिक महकमे में फेरबदल किया जा रहा है. इसी क्रम में इन अधिकारियों का तबादला भी किया गया.
ऐसे में कुछ जानकार तो ये भी कह रहे हैं कि योगी ने अपने विश्वसनीय अधिकारीयों को अपने नज़दीक किसी खास मकसद से बुलाया है. चुनाव के बाद से सीएम योगी के खिलाफ बीजपी के अंदर से ही विरोध की ख़बरें आ रही हैं. खींचतान मची हुई है. इस समय सीएम योगी को किसी पर भी भरोसा नहीं है इसलिए योगी ने ये तबदला किया है. खैर सीएम योगी के इस फैसले की असली वजह क्या है ये बता पाना तो फिलहाल मुश्किल है. लेकिन इस खबर ने सियासी हलकों में हलचल पैदा कर दी है.