कौन कर रहा प्रियंका का कद छोटा, प्रमोद कृष्णम के बयान ने सभी को चौंकाया

Global Bharat 19 Jun 2024 01:02: AM 4 Mins
कौन कर रहा प्रियंका का कद छोटा, प्रमोद कृष्णम के बयान ने सभी को चौंकाया

ऐसा कहा जाता है कि राजनीति में जो दिखता है वो होता नहीं. तो क्या प्रियंका गांधी को वायनाड से उतारा जाना भी कुछ इसी तरफ इशारा कर रहा है?  जैसा कि आप जानते ही हैं कि प्रियंका गांधी वायनाड से चुनाव लड़ने जा रही है. जैसे ही ये खबर आई तमाम तरह के कयास लगने लगे हैं. चर्चाएं होने लगी हैं. सियासी मायने समझने की कोशिश हो रही है. लेकिन इन सब के बीच चर्चा में आ गया है कभी कांग्रेस के नेता रहे प्रमोद कृष्णम का बयान.

उनके बयान ने इस बहस को अलग ही दिशा में मोड़ दिया है. उनके बयान के बाद से चर्चा होने लगी है कि क्या वाकई प्रियंका के खिलाफ पार्टी के अंदर ही साजिश हुई है? दरअसल, कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हो चुके प्रमोद कृष्णम का दावा है कि वायनाड सीट से उतारना प्रियंका के खिलाफ साजिश है.

अब जैसे ही प्रमोद कृष्णम ने ये बयान दिया, उन तमाम तस्वीरों और वीडियो की चर्चा होने लगी जो उस समय की है जब प्रियंका के चुनाव लड़ने की घोषणा के वक्त की हैं. क्योंकि तस्वीरों में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है कि प्रियंका के चेहरे पर ख़ुशी नहीं है जो होनी चाहिए थी. जबकि प्रियंका अपना चुनावी डेब्यू करने जा रही हैं. ये तस्वीरें बहुत कुछ बयां कर ही रही थी कि इसी बीच प्रमोद कृष्णम के बयान ने तो जैसे कांग्रेस के अंदरखाने चल रही साड़ी कहानी ही बता दी.

प्रमोद कृष्णम ने किया खुलासा

प्रमोद कृष्णम पहले भी कई बार प्रियंका की तारीफ करते रहे हैं. लेकिन इस बार उन्होंने साफ़-साफ कह दिया कि प्रियंका को पार्टी का अध्यक्ष होना चाहिए. वो पार्टी का नेतृत्व कर सकती हैं. जब प्रियंका अपनी राजनितिक पारी की शुरुआत करने जा रही हैं ऐसे समय में प्रमोद कृष्णम का ये बयान आया तो सियासत में सवालों का भूचाल आ गया. कई सवाल तो पहले ही उठ रहे हैं कि क्या कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं है? क्या भाई बहन के बीच कुछ ठीक नहीं है?

वहीं प्रमोद कृष्णम के बाद जो सबसे बड़ा सवाल खड़ा हो गया वो ये कि क्या पार्टी के अंदर ही उनके खिलाफ साजिश रची गई है? क्या कोई है जो प्रियंका के कद को बढ़ने नहीं देना चाहता? क्या कोई है जो चाहता है कि प्रियंका पीछे ही रहें? ये सवाल ऐसे ही नहीं उठ रहे हैं बल्कि इसके पीछे की वजह हम आपको बताते हैं.

जानकारों के दावों ने चौंकाया

दरअसल, जानकारों का दावा है कि अगर प्रियंका गांधी उपचुनाव में न उतरकर लोकसभा या विधानसभा में उतरती और जीत जाती तो उस जीत का पूरा श्रेय प्रियंका को जाता. उनकी लोकप्रियता को जाता. कांग्रेस में ये संदेश जाता कि प्रियंका चुनाव जितवा भी सकती हैं और खुद जीत भी सकती हैं. लेकिन अब उन्हें वायनाड से चुनावी मैदान में उतारा गया है. जो सीट राहुल गांधी के इस्तीफे से खाली हुई है. ऐसे में अगर प्रियंका इस सीट से जीत जाती हैं तो कहीं न कहीं इसका श्रेय राहुल गांधी को ही जाएगा.

कांग्रेस के अंदर कितनी खींचतान

ये जीत पूरी तरह से प्रियंका की जीत नहीं मानी जाएगी. जिसे खुद प्रियंका गांधी भी समझ चुकी हैं इसलिए जानकार कह रहे हैं कि जब प्रियका के नाम की घोषणा हुई तो उनके चेहरे पर वो ख़ुशी नहीं थी जो होनी चाहिए थी. प्रियंका को लेकर कांग्रेस के अंदर कितनी खींचतान है. या उनके चुनाव लड़ने को लेकर पार्टी में कितनी बेहेस छिड़ी हुई थी इसका संकेत खुद उनके पति रॉबर्ट वाड्रा के बयान ने भी दे दिया. 

पति वाड्रा ने दिया प्रियंका 

रॉबर्ट वाड्रा का बयान इस तरफ इशारा कर रहा है कि पार्टी के अंदर ये बहस लम्बे समय से छिड़ी हुई थी कि अब प्रियंका को सक्रीय राजनीति में लाया जाना चाहिए. ये बयान बताता है कि पार्टी दो धड़ों में बंटी हुई है.प्रियंका समर्थक खेमा चाहता था कि प्रियंका सिर्फ प्रचार करने के लिए नहीं हैं. उन्हें भी चुनाव लड़ना चाहिए. देश के हर चुनाव में कयास लगते थे कि प्रियंका अपना चुनावी डेब्यू करेगी. यहां तक कि खबर ये भी चली थी कि प्रियंका चिकमंगलूर से अपना पहला चुनाव लड़ सकती है.

कई कयास भी लगाए जा रहे

उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान भी ख़बरें आई थी कि प्रियंका चुनाव लड़ सकती हैं. इसके बाद जब सोनिया गांधी ने रायबरेली से चुनाव न लड़ने का एलान किया तब कहा जाने लगा कि प्रियंका इस सीट से लड़ेंगी. फिर अमेठी से भी इनके चुनाव लड़ने की खबर आने लगी. लेकिन बाद में अमेठी से पार्टी से किशोरी लाल को उतार दिया और रायबरेली से खुद राहुल गांधी को उतर गए. तब भी चर्चाएं होने लगी कि प्रियंका को जान कर पीछे रखा जा रहा है.

प्रियंका राहुल से बेहतर हैं बावजूद इसके पार्टी राहुल को बार बार लॉन्च कर रही है और प्रियंका को आगे ही नहीं आने दिया जा रहा है. इसलिए जैसे ही प्रमोद कृष्णम का बयान आया राजनीति के पंडितों के कान खड़े हो गए. तारों को जोड़ने लगे इसी बीच रॉबर्ट वाड्रा का बयान आने से कयासों को हवा मिल गई.

क्योंकि रॉबर्ट वाड्रा ने ये भी कहा कि अभी प्रियंका को संसद पहुंचने दीजिये फिर हम भी चुनाव लड़ेंगे. यानी कहा जा सकता है कि अगर कांग्रेस ने अंदरखाने मची इस खींचतान को खत्म नहीं किया गया तो कहीं ऐसा न हो कि कांग्रेस में अंदर अब तक की सबसे बड़ी टूट हो जाए. कहीं पार्टी परिवार में ही न बंट जाए. 

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