हैदराबाद: तेलंगाना में एक युवा जोड़े ने आत्महत्या कर ली क्योंकि लड़के के परिवार ने उनकी अंतर-जातीय शादी का विरोध किया था. मृतकों की पहचान अनुमुला राकेश रेड्डी (25 वर्ष) और उनकी पत्नी थारिगोप्पुला हरिका (22 वर्ष) के रूप में हुई है. दोनों प्रेम में पड़ गए थे, शादी कर ली थी और हैदराबाद चले गए थे. तीन महीने पहले वे सिद्दिपेट जिले के अपने गांव लौट आए थे.
पुलिस ने बताया कि रेड्डी के माता-पिता ने शादी स्वीकार नहीं की क्योंकि उनकी पत्नी अलग जाति की थी, जिससे जोड़े को गंभीर भावनात्मक पीड़ा हुई.
पुलिस के अनुसार, राकेश रेड्डी ने 28 मार्च को कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया और 30 मार्च को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. पति की मौत की खबर सुनकर हरिका ने 2 अप्रैल को आत्महत्या कर ली.
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हरिका पहले भी आत्महत्या का प्रयास कर चुकी थी. इसके बाद पुलिस द्वारा काउंसलिंग करने पर रेड्डी के माता-पिता ने अनिच्छा से शादी मान ली थी. पुलिस ने इस घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और जांच चल रही है.
भारत में 56% लोग अंतर-जातीय शादियों के खिलाफ
2025 में इंडिया टुडे GDB सर्वे में भी अंतर-जातीय शादियों के प्रति विरोध पाया गया, जिसमें 56% उत्तरदाताओं ने इनका विरोध किया. उत्तर प्रदेश में 84% लोगों ने अंतर-जातीय विवाहों का विरोध दिखाया, जबकि चंडीगढ़ में 91% लोगों ने ऐसी शादियों को स्वीकार्य बताया. राजस्थान, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और हरियाणा समेत कई राज्य अंतर-जातीय शादियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रहे हैं. केंद्र सरकार की भी एक सामाजिक एकीकरण योजना है, जिसमें दुल्हन या दूल्हा में से कोई भी दलित हो तो ऐसे जोड़ों को आर्थिक सहायता दी जाती है.