Dadri Samajwadi Party Rally: 29 मार्च 2026 को ग्रेटर नोएडा के दादरी में समाजवादी पार्टी की ‘समानता भाईचारा रैली’ हुई. रैली खत्म होते ही अखिलेश यादव ने एक स्थानीय कार्यकर्ता को अपने साथ चार्टर्ड प्लेन में लखनऊ ले जाने का फैसला किया. इस शख्स का नाम कृशांत भाटी है, जो अचानक सुर्खियों में आ गए. कृशांत भाटी ग्रेटर नोएडा के लडपुरा गांव के रहने वाले हैं. उनकी उम्र 38 साल है.
वे एक साधारण किसान परिवार से आते हैं. उनके पिता खेती करते हैं और मां गृहिणी हैं. परिवार में दो भाई और एक शादीशुदा बहन हैं. छोटा भाई बीटेक है जबकि बड़ी बहन एमए पास है. कृशांत भाटी की पत्नी का नाम पूजा भाटी है, जो हापुड़ की रहने वाली हैं और उन्होंने बीए किया है. दंपति के दो बच्चे हैं, 10 साल का बेटा और 6 साल की बेटी.
शिक्षा और राजनीति में प्रवेश
कृशांत ने ग्रेटर नोएडा के मायचा गांव स्थित जवाहर इंटर कॉलेज से 10वीं और 12वीं की पढ़ाई अच्छे अंकों से पूरी की. इसके बाद गाजियाबाद के शंभू दयाल कॉलेज से उन्होंने बीए किया. वे साल 2004 से समाजवादी पार्टी से जुड़े हुए हैं, जब वे मात्र 16 साल के थे और 10वीं कक्षा में पढ़ते थे. इतनी कम उम्र में ही वे पार्टी की रैलियों में शामिल होने लगे थे.
अखिलेश यादव से प्रेरणा
कृशांत बताते हैं कि राजनीति में आने की मुख्य वजह अखिलेश यादव का क्रेज था. 16 साल की उम्र में पहली बार वे एक जानकार के साथ अखिलेश यादव की रैली में गए और उसी दिन फैसला कर लिया कि वे समाजवादी पार्टी से जुड़ेंगे और लोगों की सेवा करेंगे. उसके बाद से वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के हर कार्यक्रम में अपने साथियों के साथ पहुंचने लगे. कृशांत भाटी ने पार्टी के चुनाव चिह्न ‘साइकिल’ पर दो बड़ी रैलियां भी निकालीं.
पहली रैली 6 मई 2011 को ग्रेटर नोएडा से शुरू हुई, जो इटावा होते हुए लखनऊ पहुंची. दूसरी रैली उसी साल नवंबर में ग्रेटर नोएडा से मुरादाबाद होते हुए निकाली गई, जिसका समापन 22 नवंबर को मुलायम सिंह यादव के जन्मदिन पर लखनऊ पार्टी कार्यालय में हुआ.
मुलायम सिंह यादव से मुलाकात
वर्ष 2009 में अखिलेश यादव उनके गांव लडपुरा आए थे. साल 2010 में दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय में मुलायम सिंह यादव से उनकी मुलाकात हुई. कृशांत ने साइकिल यात्रा निकालने की अपनी इच्छा बताई. मुलायम सिंह यादव ने उनकी पीठ थपथपाकर प्रोत्साहित किया और खुद उनके सिर पर लाल टोपी पहनाई.
दादरी रैली में कृशांत भाटी करीब 800 समर्थकों को लेकर पहुंचे थे. रैली के बाद जब अखिलेश यादव उन्हें चार्टर्ड प्लेन से लखनऊ ले गए, तो एक घंटे के सफर के दौरान ज्यादातर बातें परिवार और घर की ही हुईं. अखिलेश यादव ने उनके परिवार का हाल-चाल पूछा. कृशांत भाटी अखिलेश यादव के करीबी और चहेते कार्यकर्ताओं में से एक माने जाते हैं. लंबे समय से पार्टी के लिए सक्रिय रहने वाले इस युवा नेता की मेहनत और समर्पण को अखिलेश यादव ने दादरी रैली के बाद विशेष तौर पर सम्मान दिया.