मलप्पुरम: कांग्रेस सांसद शशि थरूर का काफिला शुक्रवार को कथित तौर पर रोका गया, जबकि उनके सुरक्षा दल के एक सदस्य के साथ केरल के मलप्पुरम जिले में कुछ लोगों ने मारपीट की. यह घटना तब हुई जब थरूर यूडीएफ उम्मीदवार एपी अनिल कुमार के लिए प्रचार करने जा रहे थे. थरूर की टीम के अनुसार, वे दो वाहनों में यात्रा कर रहे थे, तभी लगभग आठ लोगों ने थरूर की गाड़ी को रोक लिया उन्होंने उनकी गाड़ी को आगे नहीं बढ़ने दिया जब थरूर के सुरक्षा दल का एक सदस्य हस्तक्षेप करने के लिए उतरा, तो उस पर हमला कर दिया गया.
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने इस घटना में किसी राजनीतिक एंगल को नहीं पाया, फिर भी उन्होंने केस दर्ज कर लिया और दो लोगों को हिरासत में ले लिया. 'X' पर पोस्ट करते हुए थरूर ने चिंता जताने वाले सभी शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा किया उन्होंने लिखा, "वह ठीक है और मैं पूरी तरह सुरक्षित रहा सभी दोस्तों और शुभचिंतकों का धन्यवाद हमने कल बिना किसी डर के अपना कार्यक्रम जारी रखा और दो और कार्यक्रम पूरे किए."
केरल चुनाव में यूडीएफ की जीत पर भरोसा
वांडूर में अनिल कुमार के लिए प्रचार करते हुए थरूर ने विश्वास जताया कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) केरल विधानसभा में बहुमत हासिल करेगा. यूडीएफ की सरकार बनने पर कौन मुख्यमंत्री बनेगा, इस सवाल के जवाब में थरूर ने कहा कि यह फैसला उन्हें नहीं करना है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस हाई कमांड निर्वाचित विधायकों की राय लेने के बाद यह फैसला करेगी.
तिरुवनंतपुरम से चौथी बार सांसद थरूर ने दोहराया कि कांग्रेस पार्टी यूडीएफ सरकार के तहत नए रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित कर रही है. उन्होंने कहा, "हमें यूडीएफ सरकार के तहत केरल का विकास सुनिश्चित करना है हमारे लोग राज्य छोड़कर अन्य राज्यों और देशों में जा रहे हैं क्योंकि यहां उन्हें पर्याप्त अवसर नहीं दिख रहे हैं. हमें यहां रोजगार के अवसर पैदा करने हैं हम जीतने वाले हैं हमारे साथ मोमेंटम है."
थरूर ने विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 की भी आलोचना की. उन्होंने इसे "भयानक" बताया और कहा कि सरकार को चर्च समूहों द्वारा चलाए जा रहे स्कूलों, अस्पतालों और अनाथालयों को जब्त करने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने मांग की कि इस विधेयक को आगे की समीक्षा के लिए स्थायी समिति को भेजा जाए. केरल में 9 अप्रैल को एक चरण में मतदान होगा और 4 मई को वोटों की गिनती होगी.