नई दिल्ली: राघव चड्ढा ने अपनी ही पार्टी के नेताओं के हमलों का जवाब देते हुए फिल्म ‘धुरंधर’ का एक डायलॉग इस्तेमाल किया. उन्होंने कहा, ''घायल हूं, इसलिए घातक हूं.'' आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा इन दिनों अपनी पार्टी में काफी घिरे हुए नजर आ रहे हैं. आतिशी, सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह समेत कई बड़े नेता उन पर लगातार सवाल उठा रहे हैं.
शनिवार को राघव चड्ढा ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक वीडियो संदेश जारी करके पार्टी के आरोपों का सीधा मुकाबला किया. उन्होंने साफ कहा कि वो चुप रहना नहीं चाहते थे, क्योंकि बार-बार दोहराए जाने वाले झूठ को लोग सच समझने लगते हैं. राघव चड्ढा ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ कल से एक तैयारशुदा अभियान चलाया जा रहा है. एक जैसी भाषा, एक जैसे शब्द और एक जैसे आरोप, ये सब संयोग नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश है. उन्होंने बताया कि पार्टी की ओर से उन पर तीन मुख्य आरोप लगाए गए हैं, जिनमें से कोई भी सच्चा नहीं है. उन्होंने एक-एक करके इन आरोपों का जवाब दिया.
पहला आरोप: जब विपक्ष सदन से वॉकआउट कर रहा था, तब राघव चड्ढा उसके साथ नहीं गए.
राघव का जवाब: यह पूरी तरह झूठ है. उन्होंने चुनौती दी कि AAP कोई भी ऐसा मौका बताए जब विपक्ष वॉकआउट कर रहा हो और उन्होंने साथ न दिया हो. उन्होंने कहा कि संसद में हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, फुटेज निकालकर दिखा दें, सच्चाई सामने आ जाएगी.
दूसरा आरोप: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को हटाने वाली याचिका पर उन्होंने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया.
राघव का जवाब: यह भी सफेद झूठ है. किसी भी AAP नेता ने औपचारिक या अनौपचारिक रूप से उनसे इस प्रस्ताव पर साइन करने को नहीं कहा. उन्होंने यह भी बताया कि AAP के राज्यसभा के 10 सांसदों में से 6-7 ने खुद इस प्रस्ताव पर साइन नहीं किए. जब विपक्ष के पास 105 सांसद हैं और सिर्फ 50 हस्ताक्षरों की जरूरत है, तो इतना शोर क्यों मचाया जा रहा है?
तीसरा आरोप: राघव चड्ढा डर गए हैं, इसलिए संसद में महत्वपूर्ण मुद्दे नहीं उठा रहे.
राघव का जवाब: उन्होंने कहा कि वे सदन में चीखने-चिल्लाने या माइक तोड़ने नहीं गए हैं. उनका मकसद सिर्फ जनता के मुद्दे उठाना है. उन्होंने जीएसटी, इनकम टैक्स, पंजाब का पानी, दिल्ली का प्रदूषण, सरकारी स्कूलों की हालत, स्वास्थ्य सेवाएं, रेलवे की समस्याएं, बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को सदन में उठाया है. वे हंगामा करने नहीं, बल्कि असर पैदा करने गए हैं.
अंत में राघव चड्ढा ने दो टूक कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सारे झूठे आरोपों को वे बेनकाब करते रहेंगे.
फिल्म ‘धुरंधर’ का डायलॉग देते हुए उन्होंने अपनी बात खत्म की, ''घायल हूं, इसलिए घातक हूं.'' यह जवाब राघव चड्ढा की तरफ से अपनी पार्टी के अंदरूनी हमलों का एक मजबूत और फिल्मी अंदाज में दिया गया पलटवार है.