तेहरान: ईरान ने अमेरिकी वायुसेना को तगड़ा झटका देते हुए पिछले 24 घंटों में दो अहम लड़ाकू विमान मार गिराए हैं. ईरानी दावों और अमेरिकी सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार (गुड फ्राइडे) को यह घटना हुई. पहला विमान F-15E स्ट्राइक ईगल था, जिसमें दो क्रू सदस्य सवार थे. इसमें से एक पायलट को बचाया गया, जबकि दूसरे की तलाश अभी जारी है. दूसरा विमान A-10 थंडरबोल्ट II (जिसे वॉरथॉग भी कहते हैं) था, जिसका पायलट सुरक्षित निकल गया और उसे रेस्क्यू कर लिया गया.
इसके अलावा, सर्च एंड रेस्क्यू अभियान में शामिल दो HH-60W ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर भी ईरानी गोलीबारी का निशाना बने, लेकिन वे क्षतिग्रस्त होने के बावजूद सुरक्षित लौट आए. ईरान का कहना है कि उसने इन हमलों में अपनी नई एडवांस्ड एयर डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया. इससे अमेरिका के उस दावे पर सवाल उठ रहे हैं कि उसके विमान ईरानी आसमान पर पूरी तरह हावी हैं और बिना किसी रुकावट के कार्रवाई कर रहे हैं.
ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अमेरिका को हुए नुकसान
यह ऑपरेशन ईरान के खिलाफ चलाया जा रहा है. इस दौरान अमेरिकी सेना को काफी भारी क्षति पहुंची है. कुल मिलाकर विभिन्न प्रकार के विमान और ड्रोन नष्ट या क्षतिग्रस्त हुए, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 2 बिलियन डॉलर (करीब 18,500 करोड़ रुपए) के आसपास बताई जा रही है.
ये घटनाएं दिखाती हैं कि ईरान ने अपनी एयर डिफेंस को मजबूत किया है और अमेरिकी हवाई अभियानों को चुनौती दे रहा है. हालांकि, दोनों पक्षों से अलग-अलग दावे आ रहे हैं, और पूरी तस्वीर अभी साफ नहीं हुई है.