केंद्र सरकार के द्वारा 25 जून संविधान हत्या दिवस (Samvidhaan Hatya Diwas) की घोषणा के बाद विपक्ष (Opposition) ने केंद्र सरकार (NDA Government) और बीजेपी (BJP) पर जमकर हमला बोला है, विपक्षी नेताओं (Opposition Leaders) द्वारा इस फैसले का कड़ा विरोध किया जा रहा है. जहां अजय राय ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को घबराहट में लिया गया कदम बताया है तो वहीं इमरान प्रतापगढ़ी ने इसे सरकार की हैडलाइन मैनेजमेंट की कोशिश बताया है.
मनोज झा समेत गोपाल राय ने बीजेपी पर जमकर आरोप लगाए. समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने इस मामले पर बात करते हुए बीजेपी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि, इमरजेंसी चाहे घोषित हो या अघोषित, दोनों ही लोकतंत्र के लिए सही नहीं हैं...दोनों ही लोकतंत्र को कहीं ना कहीं कमजोर करते हैं.
केंद्र की भाजपा सरकार ने इमरजेंसी की याद में 25 जून को संविधान हत्या दिवस मनाने का निर्णय लिया है. केंद्र सरकार के द्वारा इसे लेकर नोटिफिकेशन जारी किया गया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज शोसल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है.
अमित शाह ने एक्स पर लिखा है कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपनी तानाशाही मानसिकता को दर्शाते हुए देश में आपातकाल लगाकर भारतीय लोकतंत्र की आत्मा का गला घोंट दिया था. लाखों लोगों को अकारण जेल में डाल दिया गया और मीडिया की आवाज को दबा दिया गया.
भारत सरकार ने हर साल 25 जून को 'संविधान हत्या दिवस' के रूप में मनाने का निर्णय किया है. यह दिन उन सभी लोगों के विराट योगदान का स्मरण करायेगा, जिन्होंने 1975 के आपातकाल के अमानवीय दर्द को झेला था.
अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टैग करते हुए आगे लिखा कि पीएम मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय का उद्देश्य उन लाखों लोगों के संघर्ष का सम्मान करना है, जिन्होंने तानाशाही सरकार की असंख्य यातनाओं व उत्पीड़न का सामना करने के बावजूद लोकतंत्र को पुनर्जीवित करने के लिए संघर्ष किया.
‘संविधान हत्या दिवस’ हर भारतीय के अंदर लोकतंत्र की रक्षा और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की अमर ज्योति को जीवित रखने का काम करेगा, ताकि कांग्रेस जैसी कोई भी तानाशाही मानसिकता भविष्य में इसकी पुनरावृत्ति न कर पाए.
PM मोदी ने ये कहा...
PM मोदी ने अमित शाह के ट्वीट को रिट्वीट कर कहा है कि 25 जून को संविधान हत्या दिवस के रूप में मनाना हमें याद दिलाएगा कि जब भारत के संविधान को कुचला गया था, तब क्या हुआ था. यह उन सभी लोगों को श्रद्धांजलि देने का भी दिन है, जिन्होंने आपातकाल की ज्यादतियों के कारण कष्ट झेले थे, जो भारतीय इतिहास का एक काला दौर था. वहीं इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर राजनीति करने का आरोप लगाया है.