नई दिल्ली: अक्सर देखा जाता है कि कोई चोरी करता है तो उस पैसे से अय्याशी करता है, शौक मौज में पैसे उड़ाता है और पूरा समाज ही चोरों से नफरत करता है, लेकिन कर्नाटक से एकदम उल्टा मामला सामने आया है, यहां एक चोर है जिसे लोग दिल से चाहते हैं, उसे सिर्फ प्यार ही नहीं बल्कि उसका पूरा सम्मान भी करते हैं, ये जानते हुए भी कि वो चोर है, और उसके ऊपर 260 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं. ये चोर है कर्नाटक के कलबुर्गी का शिव प्रसाद, जिसे अशोक नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है.
चोर के नाम पर दर्ज हैं 260 से ज्यादा केस
जानकारी के मुताबिक कर्नाटक के कलबुर्गी में पुलिस ने एक कुख्यात चोर को गिरफ्तार किया है. इस चोर का नाम शिव प्रसाद है, इसे अशोक नगर पुलिस ने अरेस्ट किया है. शिव प्रसाद के बारे में बताया जा रहा है कि इसके नामपर 260 से ज्यादा चोरी के मामले दर्ज हैं. ये अक्सर पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहता है, लेकिन इससे भी दिलचस्प बात ये है कि शिव प्रासद बेहद ही धार्मिक भी है. और चोरी के पैसों का हमेशा अच्छे कामों में इस्तेमाल करता है. जो बात इसे और चोरों से अलग खड़ा करती है.
मंदिर, भंडारे और अस्पतालों को देता है दान
दरअसल शिव प्रसाद जितना बड़ा चोर है उससे भी ज्यादा धार्मिक भी है, और ये अपने आप को एक समाजसेवी की तरह देखता है. यही वजह है कि शिव प्रसाद चोरी के पैसों से मंदिर को मंदिरों में दान करता है, जहां कहीं भंडारा होना होता है वहां भी ये दान करता है, इसके साथ ही अस्पतालों में मरीजों के लिए खाने और दवा के लिए भी पैसे पहुंचाता है, इसक अलावा गरीबों की मदद करने के लिए कई संस्थाओं को भी लाखों का दान कर देता है. इसका मानना है कि नेक काम करने से उसके पाप खत्म हो जाएंगे.
दिलचस्प है चोरी करने का तरीका
शिव प्रसाद की कहानी यहीं खत्म नहीं हो जाती है, इसके कामों से भी ज्यादा इसका चोरी करने का तरीका दिलचस्प है. पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक शिव प्रसाद चोरी करन से पहले अपनी उंगलियों पर फेविक्विक या फिर फेविकोल लगा लेता था ताकि उसके फिंगरप्रिंट कहीं छूट ना जाएं, अपनी इसी चालाकी की वजह से कई सालों तक पुलिस इस चोर शिव प्रसाद को ट्रैस नहीं कर सकी और वो पुलिस की पहुंच से बाहर रहा.
करीब आधा किलो सोना बरामद
रिपोर्ट्स के मुताबिक जब पुलिस ने शिव प्रसाद को गिरफ्तार का तो उसके पास से लगभग 412 ग्राम सोना और 30 लाख रुपये की संपत्ति मिली है. इतना ही नहीं ये भी बताया गया है कि उसने महाराष्ट्र के एक बड़े मंदिर में 5 लाख का दान दया और लातूर में एक महाभोज भी करवाया था जिसमें हजारों की तादात में लोगों ने खाना खाया था. हालांकि उन लोगों को ये पता भी नहीं चला क ये सारी मेहरबानी एक चोर की थी. लेकिन अब लोगों ने उसे साउथ का रॉबिनहुड कहना भी शुरू कर दिया है. क्योंकि वो केवल बड़े घरों को ही निशाना बनाता था, और उसी पैसे से गरीबों की मदद करता था. लेकिन पुलिस का कहना है कि अपराधी हमेशा अपराधी होता है, उसका इरादा चाहे जो भी हो, लेकिन क्राइम हमेशा क्राइम ही रहता है.