प्रयागराज : गाजीपुर से समाजवादी पार्टी के सांसद अफजाल अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. शस्त्र लाइसेंस की पत्रावलियां गायब होने और लाइसेंस के कथित दुरुपयोग से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी है. यानी अगली सुनवाई तक इन तीनों मामलों में पुलिस अफजाल अंसारी को गिरफ्तार नहीं कर सकेगी.
मामले की सुनवाई जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस जेके उपाध्याय की डिवीजन बेंच में हुई. अफजाल अंसारी की ओर से दाखिल याचिकाओं में तीनों एफआईआर को रद्द करने और किसी भी उत्पीड़नात्मक कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है.
याची के अधिवक्ता उपेंद्र उपाध्याय ने अदालत में दलील दी कि जिन शस्त्र लाइसेंस की पत्रावलियों को लेकर मुकदमे दर्ज किए गए हैं, वे वर्ष 1983 से 1987 के बीच की हैं. इन पत्रावलियों के डीएम कार्यालय से गायब होने का आरोप है, जबकि कार्यालय में रिकॉर्ड के कस्टोडियन जिलाधिकारी होते हैं. ऐसे में याची की पत्रावली गायब होने में कोई भूमिका नहीं है. उन्होंने यह भी दलील दी कि पहली एफआईआर 22 जुलाई 2026 को दर्ज हुई, जबकि पत्रावलियां दशकों पुरानी हैं.
अफजाल अंसारी के खिलाफ गाजीपुर कोतवाली थाने में अपराध संख्या 535, 551 और 554 के तहत तीन एफआईआर दर्ज हैं. ये मुकदमे थाना प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह की ओर से दर्ज कराए गए हैं. इनमें आईपीसी की धारा 409, 120बी, 419 और आर्म्स एक्ट की धारा 21, 25 व 30 के तहत आरोप लगाए गए हैं.
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को दो सप्ताह में काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है. इसके एक सप्ताह बाद याची पक्ष को रिज्वाइंडर दाखिल करना होगा. अदालत ने मामले को तीन सप्ताह बाद फिर सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है. अगली सुनवाई में एफआईआर निरस्त करने की मांग पर विस्तार से बहस होगी.