पटना : बिहार में एक ऐसे फर्जी IAS अधिकारी का मामला सामने आया है, जिसने सरकारी रुतबे और बड़े अधिकारियों से करीबी का दावा कर लोगों को कथित तौर पर अपने जाल में फंसाया. आरोपी की पहचान मनीष गुप्ता के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि वह खुद को कभी IAS अधिकारी, तो कभी भारतीय सतर्कता आयोग का अधिकारी बताता था. इतना ही नहीं, वह खुद को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का अंडरकवर एजेंट तक बताता था.
पुलिस की कार्रवाई के बाद मनीष की कथित आलीशान जिंदगी और संपत्ति का बड़ा खुलासा हुआ है. अब तक करीब 100 करोड़ रुपये की संपत्ति सामने आने की बात कही जा रही है. खगड़िया में उसका बड़ा घर है, जहां ऐशो-आराम की तमाम चीजें मिली हैं.
सबसे ज्यादा चर्चा उसकी टेस्ला कार की हो रही है. कार पर गवर्मेंट ऑफ इंडिया लिखवाकर वह अपने कथित सरकारी रसूख का प्रदर्शन करता था. यही रौब लोगों को प्रभावित करने और ठगी के लिए इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है.
मनीष के घर की तलाशी में विदेशी शराब का बड़ा जखीरा भी मिला. महंगी विदेशी शराब को उसने बाकायदा अपने निजी मयखाने में सजा रखा था. घर की सजावट में बारहसिंगा के सींग भी लगाए गए थे, जिसने जांच टीम को भी चौंकाया.
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने भारत के अलावा विदेशों में भी संपत्तियां खड़ी कीं. यानी सरकारी अफसर होने का फर्जी रुतबा, महंगी कार, विदेशी शराब और करोड़ों की संपत्ति. मनीष गुप्ता ने कथित तौर पर एक ऐसा साम्राज्य खड़ा कर लिया था, जिसकी असली हकीकत अब जांच में सामने आ रही है.
अब पुलिस और जांच एजेंसियां उसकी संपत्तियों, बैंक खातों, विदेशों में निवेश और कथित ठगी के नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं. सवाल बड़ा है कि आखिर एक फर्जी अफसर इतने साल तक सिस्टम की आंखों में धूल कैसे झोंकता रहा.