Waqf Amendment Bill को लेकर लोकसभा के अंदर और बाहर काफी बहस हुई थी. इसी बीच एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने पीसी कर बिल पर बात की. साथ ही देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) को चैलेंज भी दिया. ओवैसी ने कहा कि बिल के जरिए बीजेपी वक्फ को खत्मा करना चाहती है. इससे मुसलमानों के धर्म की आजादी में फर्क आएगा. उन्होंने कहा कि इससे आर्टिकल 25, 26 और आर्टिकल 14 का वाइलेशन होगा. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि पर्सनल लॉ बॉर्ड इसे लेकर मीटिंग करेगा और तमाम विपक्षी पार्टियों से मिलेगा, जिन्होंने इस बिल के विरोध में बात की है.
उन्होंने आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू से भी मुलाकात की बात की है. साथ ही बिहार में जदयू और चिराग पासवान से भी मिलने की जानकारी दी है. उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड इन जैसे तमाम नेताओं से बात करेगा और इस बिल के बार में जानकारी साझा करेगा. ओवैसी ने कांग्रेस को लेकर कहा कि पार्टी के लीडरशिप की ओर से जानकारी दी गई है कि बिल को और अच्छे पढ़ा जाएगा, फिर कोई रणनीति तैयारी की जाएगी.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि हमने इसे लेकर गैर-बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मिलने का फैसला किया है. इस सिलसिले में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से मुलाकात की जाएगी. उन्होंने वक्फ बिल से जुड़े संशोधन संविधान के खिलाफ बताया है. ओवैसी ने कहा कि वक्फ प्रॉपर्टी सरकारी या पब्लिक प्रॉपर्टी नहीं है, बल्कि निजी संपत्ति है. वकील ने सवालिया लहजे में कहा कि आप इसे सार्वजनिक संपत्ति क्यों मान रहे हैं, उन्होंने कहा कि आप वक्फ बोर्ड को क्या अनुदान दे रहे हैं और देश में कौन सी ऐसी राज्य सरकार है जो वक्फ बोर्ड को अनुदान देती है बताइए जरा.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मैं पीएम मोदी को चुनौती देता हूं, काशी विश्वनाथ मंदिर अधिनियम 1983 की धारा-3 कहती है कि कोई भी व्यक्ति बोर्ड का सदस्य नहीं हो सकता है, अगर वह धर्म से हिंदू नहीं है. उन्होंने कहा कि धारा 6 कहती है कि अगर कोई सदस्य हिंदू के रूप में कर्तव्यों का पालन नहीं कर सकता है, तो उसके स्थान पर कोई हिंदू ही नियुक्त किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि इसलिए मैं कहता हूं कि बिल में संशोधन वक्फ की संपत्तियों को नष्ट करने के लिए है, न कि उसकी सुरक्षा के लिए. ओवैसी ने जोर देते हुए कहा कि लेटरल एंट्री और दलित क्रीमी लेयर की तरह ही सरकार को इस वक्फ संशोधन विधेयक को भी वापस लेना होगा. उन्होंने कहा कि भाजपा झूठा प्रचार कर रही है कि कोई भी वक्फ ट्रिब्यूनल के खिलाफ नहीं जा सकता, यह गलत है, इसे हाईकोर्ट में चुनौती दी जा सकती है.