लखनऊ: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव( Akhilesh Yadav) ने इटावा में केदारेश्वर मंदिर मंदिर का निर्माण करवाया है जो चर्चा का विषय बना हुआ है... ये मंदिर पूरा केदारनाथ मंदिर के डिज़ाइन पर बना हुआ है.. हालांकि इस मंदिर का निर्माण कई सालों से हो रहा था.. जो अब जाकर पूरा होने वाला है... महाशिवरात्रि पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर मंदिर का एक वीडियो शेयर किया और सार्वजनिक इस मंदिर के बारे में जानकारी दी... बता दें कि मंदिर में पुजारी तमिलनाडू से बुलाये गए हैं..लेकिन सवाल जो उठ रहे हैं वो इस मंदिर के निर्मल को लेकर हैं?
दरअसल इटावा में जो मंदिर बना है वो पूरा केदारनाथ जैसा है..अखिलेश यादव की ओर से शेयर वीडियो में देखा जा सकता है कि जिस तरह उत्तराखंड में केदारनाथ( Kedarnath temple) के सामने नंदी विराजमान हैं, वैसे ही इटावा के केदारेश्वर महादेव मंदिर के सामने भी नंदी जी विराजमान हैं.. इतना ही नहीं गर्भगृह में भगवान केदारनाथ का स्वरूप भी ठीक वैसा ही है, जैसा केदारनाथ मंदिर में हैं. ये मंदिर इटावा के चंबल घाटी में बना है.. लेकिन जो भी इस मंदिर को देख रहा है सवाल जेहन में यही है कि आखिर केदारनाथ जैसा मंदिर ही क्यों अखिलेश यादव ने चुना ?

इससे पहले भी आपको याद होगा कि दिल्ली के बुराड़ी में केदारनाथ धाम की तर्ज पर मंदिर बनाने के प्रस्ताव पर काफी विवाद हुआ था.. जिसके बाद मंदिर के निर्माण पर रोक लगा दी गयी थी.. इसका विरोध इतना बढ़ा था कि ये केदारनाथ धाम तक भी गया था.. हालांकि इटावा के इस मंदिर का निर्माण कार्य पूरा हो चूका है.. जो की ढोल नगाड़ों के साथ इस मंदिर में पूजा भी की गयी..
जानकारी के मुताबिक महाशिवरात्रि पर अखिलेश यादव के परिवार के सदस्य इस मंदिर में पहुंचे थे. खास बात ये रही कि महाशिवरात्रि पर केदारेश्वर मंदिर में सारी पूजा विधि को पूरा किया गया.. उन सभी ने पूजन का कार्य ढोल नगाड़ों के साथ सम्पन किया..यही नहीं इस पूजन में परिवार के सदस्यों में अखिलेश यादव, डिंपल यादव और शिवपाल सिंह यादव को भी पहुंचना था लेकिन किसी कारण से वे नहीं पहुंच सके. जानकारी के अनुसार, केदारेश्वर मंदिर में भगवान शिव की प्राण प्रतिष्ठा की जा चुकी है.. जानकारों की माने तो दक्षिण भारत के मंदिरों की तर्ज पर इस मंदिर का डिज़ाइन पूरा किया गया है..