पटना: बिहार के किशनगंज जिले में एसडीपीओ गौतम कुमार पर आय से ज्यादा संपत्ति जमा करने के आरोप में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की टीम ने छापेमारी की है. इस कार्रवाई के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा चर्चा उनकी घरेलू नौकरानी पारो को लेकर हो रही है. पारो किशनगंज के धर्मगंज इलाके में रहती है और एसडीपीओ के घर पर काम करती थी.
जांच में पता चला कि वह साधारण नौकरानी नहीं, बल्कि काफी अमीर है. वह रोजाना करीब 35 लाख रुपए की महंगी थार गाड़ी से काम पर आती-जाती थी. इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में उसके नाम पर लगभग एक करोड़ रुपए का शानदार बंगला भी बनाया गया है. उसके पास महंगे गहने और एक बुलेट मोटरसाइकिल भी मिली है, जिसे कथित तौर पर गौतम कुमार ने उपहार में दिया था.
सोशल मीडिया पर पारो के कुछ वीडियो और तस्वीरें वायरल हो गई हैं, जिनमें वह भारी मात्रा में नकदी के साथ दिख रही है. एक वीडियो में उसके हाथ में करीब 1.5 लाख रुपए कैश दिखाई दे रहा है. खुलासा होने के बाद पारो अपने पूरे परिवार के साथ अचानक घर छोड़कर फरार हो गई है. अब ईओयू उसके धन के स्रोत और बेनामी संपत्तियों की जांच कर रही है.
गौतम कुमार 1994 बैच के अधिकारी हैं और करीब 32 साल की सेवा के दौरान उन्होंने कथित तौर पर 80 करोड़ रुपए तक की अवैध संपत्ति बनाई है. ईओयू की टीम ने नोएडा, गुरुग्राम, पूर्णिया, पटना और सिलीगुड़ी समेत कई जगहों पर छापे मारे. इनमें 36 जमीन के कागजात, 60 लाख रुपए के गहने, सिलीगुड़ी में चाय बागान और महंगी गाड़ियां (जैसे क्रेटा और थार) बरामद हुई हैं. उनकी पत्नी (जो सरकारी शिक्षिका हैं) और एक महिला मित्र शगुप्ता परवीन के नाम पर भी करोड़ों रुपए के निवेश मिले हैं.
जांच एजेंसियों को संदेह है कि गौतम कुमार ने बालू खनन, तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों से यह कमाई की है. पूर्णिया के एक विधायक से उनके कथित संबंध भी जांच का विषय बने हुए हैं. यह पूरा मामला बिहार पुलिस में भ्रष्टाचार की गंभीर स्थिति को उजागर कर रहा है, जहां 'सख्त' अधिकारी की छवि वाले व्यक्ति पर खुद भारी स्तर का भ्रष्टाचार का आरोप लग रहा है. जांच अभी जारी है और आगे और खुलासे हो सकते हैं.