नई दिल्ली: अप्रैल में उत्तर भारत में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया है. जहां आमतौर पर इस महीने की शुरुआत गर्मी के साथ होती है, वहीं इस बार तूफान, तेज बारिश और ओलावृष्टि ने लोगों को हैरान कर दिया है. आसमान में घने बादल छा जाते हैं, तेज हवाएं चलने लगती हैं और फिर धूल भरी आंधी के साथ बारिश व ओले गिरने शुरू हो जाते हैं.
इसी बीच केदारनाथ में भारी बर्फबारी देखने को मिली, जिससे रोहतांग दर्रे के पास अटल सुरंग को बंद करनी पड़ गई. राजस्थान के जेसलमेर और बीकानेर में ओले गिरे, वहीं उत्तर प्रदेश में बारिश जनित कारणों से पांच लोगों की मौत हो गई.
मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि कई इलाकों में हवाओं की रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. विभाग का कहना है कि यह सामान्य मौसम परिवर्तन नहीं बल्कि एक बड़े मौसम प्रणाली का हिस्सा है, जो अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों को प्रभावित रखेगा. खासतौर पर 4 अप्रैल से 7 अप्रैल तक मौसम काफी खराब रहने की आशंका है.
दिल्ली-NCR में क्या होगा?
5 अप्रैल को दिल्ली और आसपास के इलाकों में तेज आंधी-तूफान, गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. हवाएं 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से चल सकती हैं. इससे पेड़ उखड़ने, ट्रैफिक बाधित होने और विजिबिलिटी कम होने का खतरा है. दिन के समय अचानक अंधेरा छा सकता है. तापमान में गिरावट से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन मौसम की अस्थिरता बनी रहेगी.
उत्तर प्रदेश में अलर्ट
यूपी के कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाएं और बड़े ओले गिरने की चेतावनी है. पश्चिमी यूपी और बुंदेलखंड सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं. सहारनपुर, मेरठ, आगरा, झांसी, मथुरा समेत कई क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. हवाओं की गति 40-50 किमी/घंटा तक हो सकती है. गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है.
बिहार में भी बदलाव
बिहार में अभी गर्मी और बादलों का मिश्रित असर है, लेकिन 5 अप्रैल के बाद स्थिति बदल जाएगी. पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर आदि जिलों में हल्की-मध्यम बारिश, तेज हवाएं और आंधी-तूफान की संभावना है. वज्रपात का भी खतरा रहेगा.
पहाड़ी राज्यों का हाल
उत्तराखंड में 3 से 6 अप्रैल तक पहाड़ों पर बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हो सकती है. हवाएं 60-70 किमी/घंटा तक चलने का अनुमान है, जिससे भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा बढ़ गया है. हिमाचल प्रदेश में भी बारिश और बर्फबारी जारी रहने की संभावना है.
राजस्थान में धूल भरी आंधी
राजस्थान के जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर आदि इलाकों में 70-80 किमी/घंटा की रफ्तार वाली धूल भरी आंधी और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की चेतावनी है. इससे सड़कों पर विजिबिलिटी बहुत कम हो सकती है.
मध्य भारत में प्रभाव
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में भी तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि की आशंका है. भोपाल, जबलपुर, सतना, रायपुर जैसे शहरों में अचानक मौसम खराब होने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है.
क्यों हो रहा है यह सब?
इस बार दो मजबूत पश्चिमी विक्षोभ लगातार सक्रिय हैं. पहला 3-4 अप्रैल के आसपास असर दिखा चुका है और दूसरा 7 अप्रैल के आसपास अपना असर दिखाएगा. इनके कारण हवा के दबाव और तापमान में तेज बदलाव हो रहा है, जिससे तूफानी गतिविधियां बढ़ गई हैं. मौसम विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और जरूरी अपडेट जारी कर रहा है.