लखनऊ: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव 30 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं होंगे. उन्होंने खुद इसकी वजह बताई है. लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने कहा कि 30 सितंबर को वे किसी दूसरे काम में व्यस्त रहेंगे. इसलिए INDIA गठबंधन की मीटिंग में शामिल नहीं हो पाएंगे. उनकी जगह सपा के वरिष्ठ नेता बैठक में हिस्सा लेंगे.
इस संबंध में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भी बता दिया गया है. यह बैठक चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़ी चिंताओं और अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए हो रही है. कांग्रेस, माकपा, भाकपा और भाकपा (माले)-लिबरेशन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और एसआईआर पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है.
सपा-कांग्रेस बयानबाजी पर क्या कहा?
सीट बंटवारे को लेकर सपा और कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी पर अखिलेश ने कहा कि यह रणनीति का हिस्सा है. अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा पर सीधा हमला बोला. उन्होंने कहा, ''अगर चुनाव आयोग किसी घोटाले में शामिल है और मुख्यमंत्री आयोग के समर्थन में बोल रहे हैं, तो इसका मतलब है कि मुख्यमंत्री खुद उस घोटाले में शामिल हैं. पूरी भाजपा उस घोटाले में शामिल है.''
उन्होंने आरोप लगाया कि 2019 में वोट देने वाले कई लोगों को 2022 में बिना किसी सूचना या नियम के वोट नहीं डालने दिया गया. उपचुनावों के दौरान सड़कें ब्लॉक कर और सादे कपड़ों में पुलिस तैनात कर वोटरों को बूथ तक पहुंचने से रोका गया. एसआईआर प्रक्रिया पर उन्होंने कहा कि यूपी में फॉर्म-7 का गलत इस्तेमाल हुआ. भाजपा ने प्राइवेट कंपनी को गांव-गांव भेजकर फॉर्म-7 भरवाए. लखनऊ में एक व्यक्ति ने 100 से ज्यादा आवेदन भरे, जबकि नियम के मुताबिक एक हस्ताक्षर से पांच से ज्यादा फॉर्म नहीं भरे जा सकते. नतीजतन 100 से ज्यादा वोट हटा दिए गए.
अखिलेश ने चुनाव आयोग से विश्वसनीयता बनाए रखने और किसी के इशारे पर काम न करने की अपील की. विकास के मुद्दों पर गोरखपुर में जलभराव का जिक्र करते हुए कहा कि वहां नावों की बजाय मेट्रो होनी चाहिए थी. प्रयागराज और वाराणसी में भारी खर्च के बावजूद वादे पूरे नहीं हुए.