Alam Badi Akhilesh controversy: आजमगढ़ में एक बुजुर्ग व्यक्ति जो टोपी लगाए थे, उन्हें धीरे-धीरे किनारे लगाने की कोशिश की जा रही थी, और ये कोई पार्टी के सामान्य कार्यकर्ता या फिर छोटे-मोटे नेता नहीं हैं, बल्कि समाजवादी पार्टी के सबसे बुजुर्ग विधायक हैं. आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से पांचवीं बार के विधायक आलमबदी को धक्का क्यों दिया गया, क्या ये अखिलेश य़ादव के साथ तस्वीर क्लिक नहीं करवा सकते, या फिर अखिलेश के पीडीए का सच यही है, जरा वीडियो देखकर समझिए फिर बताते हैं इस मामले पर आलमबदी कार्यक्रम के बाद किस पर भड़क उठे.
ये तस्वीरें तब की हैं, जब अखिलेश यादव आजमगढ़ में अपने नए घर के उद्घाटन के लिए गए थे, जहां उनकी सुरक्षा में चूक का मसला भी सामने आया, एक व्यक्ति उनकी मंच की ओर भागता दिखा, जिसे बाद में यूपी पुलिस के जवानों ने पकड़ लिया, पर उसके बाद जब अखिलेश यादव का भाषण खत्म हुआ, और वहां मौजूद नेताओं ने अखिलेश के लिए ऑर्डर किया गया बड़ा सा माला उन्हें पहनाने की कोशिश की तो फोटो फ्रेम में आलमबदी भी आना चाहते थे. पहले तो अखिलेश यादव के पास थे, लेकिन जैसे-जैसे और नेता वहां पहुंचना शुरू हुए. स्थानीय सांसद धर्मेंद्र यादव ने बलराम यादव को आगे करने के चक्कर में उन्हें पीछे कर दिया. आलमबदी ने विधायक संग्राम यादव का सहारा लेना चाहा, लेकिन उन्होंने भी अपना हाथ छुड़ा लिया, नतीजा आलमबदी गिरते-गिरते बचे, जिस पर सियासत भी शुरू हो गई. ओपी राजभर के बेटे अरुण राजभर ने इसे गुलामी से जोड़ दिया, वो कहते हैं
“अखिलेश यादव के सामने ईमानदार विधायक आलमबदी जी को धक्के देकर किनारे कर दिया. सपा में गुलामी करने वाले मुसलामानों का यही हाल है.”
सोशल मीडिया पर भी लोग अखिलेश को खूब ट्रोल कर रहे हैं, अंसार इमरान नाम के यूजर तो ये तक कहते हैं कि अखिलेश यादव को स्पष्टीकरण देना चाहिए, क्योंकि ये घटना उनकी मंच पर हुई है. हालांकि आलमबदी इन आरोपों को झूठा बताते हैं, वो वायरल वीडियो की नई कहानी गढ़ते हैं, वो कहते हैं
“समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सबसे ज्यादा मेरा जिक्र करते हैं, प्रशंसा करता है, क्या उस पार्टी का कोई मुझे धक्का देगा, ये सब बातें गलत हैं. सही है मुझे घुटन होने लगी तो मैं वहां से हटा. अपने प्रयास में थे मेरी फोटो आ जाए.”
यानि मान-अपमान की बात घुटन में तब्दील हो गई, अखिलेश जिस प्लानिंग के साथ आजमगढ़ पहुंचे थे कि नया घर बनवाकर, नया संदेश देंगे, वहां के मतदाताओं को 2027 चुनाव में फिर साधेंगे, वो आलमबदी के साथ हुई घटना के बाद उन्हें उल्टा भी पड़ सकता है. वैसे ये पहली बार नहीं है जब इस तरीके की घटना हुई हो. दिल्ली संसद भवन में तो राहुल गांधी पर ही धक्का देने के आरोप लग गए थे, तब मामला फोटो क्लिक करवाने का नहीं बल्कि प्रदर्शन से जुड़ा था.
दरअसल संसद में I.N.D.I.A. गठबंधन और बीजेपी सांसद प्रदर्शन कर रहे थे. विपक्षी नेता अंबेडकर पर शाह के बयान की निंदा और उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे. जबकि बीजेपी सांसद अंबेडकर पर कांग्रेस की बयानबाजी का विरोध कर रहे थे. इसी दौरान दोनों पक्षों के सांसद आमने-सामने आ गए. रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके बाद ही धक्का-मुक्की शुरू हुई. बीजेपी सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत को चोट लगने के बाद राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब राहुल ने कहा था मुझे धक्का देने और धमकी देने की कोशिश हुई. अब आप अखिलेश के इस वीडियो पर क्या कहेंगे अपनी राय जरूर दें.