नई दिल्ली : अमरनाथ यात्रा को पूरी तरह सुरक्षित और आतंकवाद मुक्त बनाने के लिए भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने जम्मू-कश्मीर में अब तक का सबसे व्यापक सुरक्षा अभियान शुरू किया है. इस अभियान के तहत सुरक्षाबलों ने एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करते हुए पिछले सप्ताह प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के शीर्ष कमांडर जाकिर अहमद गनी को मुठभेड़ में मार गिराया.
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जाकिर अहमद गनी लंबे समय से घाटी में सक्रिय था और अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने की साजिश में शामिल बताया जा रहा था, उसके मारे जाने को सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है. खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिले थे कि आतंकी संगठन यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की फिराक में हैं, इसके बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने संयुक्त अभियान तेज कर दिया.
यात्रा मार्ग, बेस कैंप, संवेदनशील इलाकों और आसपास के जंगलों में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं. ड्रोन, हाई-टेक निगरानी उपकरण, स्नाइपर टीमें और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. आने-जाने वाले वाहनों और यात्रियों की भी कई स्तरों पर जांच की जा रही है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि अमरनाथ यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ी है और इसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है. इसी उद्देश्य से आतंकियों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है. एजेंसियों का मानना है कि जाकिर अहमद गनी के मारे जाने से लश्कर-ए-तैयबा के स्थानीय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है और यात्रा के दौरान किसी भी संभावित आतंकी हमले की साजिश को काफी हद तक कमजोर किया गया है. फिलहाल पूरे जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था हाई अलर्ट पर है और अभियान लगातार जारी है.