नई दिल्ली : राजस्थान के भिवाड़ी में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साइबर ठगी करने वाले एक हाईटेक गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने एक पॉश रिहायशी सोसायटी में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर तीन सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को गिरफ्तार किया है. शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी अमेरिका, कनाडा समेत करीब 10 देशों के नागरिकों को निशाना बनाकर लाखों डॉलर की साइबर ठगी कर चुके हैं.
पुलिस के अनुसार, आरोपी खुद को विदेशी सरकारी एजेंसियों, पुलिस अधिकारियों या जांच एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे. वे पीड़ितों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी गिरफ्तारी वारंट, टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य कानूनी मामलों में फंसाने का डर दिखाते थे. घबराए हुए लोगों से जांच के नाम पर बैंक खातों और डिजिटल वॉलेट में रकम ट्रांसफर करवाई जाती थी.
जांच में पता चला कि गिरोह अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर, वीओआईपी कॉलिंग सिस्टम, फर्जी ईमेल आईडी और विदेशी नंबरों का इस्तेमाल करता था, जिससे पीड़ितों को लगता था कि कॉल वास्तव में किसी सरकारी एजेंसी की ओर से आई है. कॉल सेंटर पूरी तरह तकनीकी संसाधनों से लैस था और यहां विदेशी नागरिकों का डेटा भी इस्तेमाल किया जा रहा था.
पुलिस ने मौके से कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, इंटरनेट उपकरण और कई डिजिटल दस्तावेज बरामद किए हैं. इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और विदेशों तक फैले नेटवर्क का पता लगाया जा सके.
पुलिस का कहना है कि यह संगठित अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध का मामला है और जांच एजेंसियां अब आरोपियों के बैंक खातों, लेनदेन, विदेशी कनेक्शन तथा ठगी से अर्जित रकम की जांच कर रही हैं. संभावना है कि पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं.