भारत-पाक तनाव के बीच देशभर में 54 साल बाद होने जा रही मॉक ड्रिल, गृह मंत्रालय का राज्यों को बड़ा निर्देश

Amanat Ansari 05 May 2025 07:38: PM 2 Mins
भारत-पाक तनाव के बीच देशभर में 54 साल बाद होने जा रही मॉक ड्रिल, गृह मंत्रालय का राज्यों को बड़ा निर्देश

नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान के बीच 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद तनाव चरम पर है. इस हमले में 26 लोग मारे गए थे. इस बीच, गृह मंत्रालय (एमएचए) ने कई राज्यों को 7 मई 2025 (बुधवार) को सिविल डिफेंस के लिए सुरक्षा ड्रिल आयोजित करने का निर्देश दिया है. सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन ड्रिल्स में हवाई हमले की चेतावनी सायरन बजाए जाएंगे, और नागरिकों व छात्रों को शत्रु हमले की स्थिति में खुद को बचाने की ट्रेनिंग दी जाएगी. इसी बीच गृह मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक की गई, जिसमें सायरन-ब्लैकआउट-नागरिक प्रशिक्षण पर चर्चा की गई. यह कदम तब उठाया गया है, जब पाकिस्तान पिछले 11 रातों से लगातार नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय चौकियों पर बिना उकसावे के गोलीबारी कर रहा है. भारतीय सेना ने इसका मुंहतोड़ जवाब दिया है.

सुरक्षा ड्रिल का उद्देश्य

गृह मंत्रालय ने राज्यों से कहा है कि वे अपनी निकासी योजनाओं को अपडेट करें और इसका रिहर्सल करें. इन ड्रिल्स का मकसद नागरिकों को किसी भी संभावित हमले के लिए तैयार करना है. ड्रिल्स में हवाई हमले के सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने और आपात स्थिति में व्यवहार करने की प्रक्रिया सिखाई जाएगी. स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी ताकि वे ऐसी स्थिति में घबराएं नहीं. सूत्रों ने बताया कि यह ड्रिल्स खास तौर पर उन राज्यों में होंगी, जो सीमावर्ती इलाकों के करीब हैं या जहां सुरक्षा जोखिम ज्यादा है. दावा किया जा रहा है कि 54 वर्ष के बाद देश में ऐसी मॉक ड्रिल होने जा रही है. इससे पहले 1971 में भारत और पाकिस्‍तान के बीच दो मोर्चों पर युद्ध के समय ऐसी ड्रिल की गई थी.

पहलगाम हमले ने बढ़ाया तनाव

पहलगाम में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी संगठन द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने पर्यटकों पर हमला किया था, जिसमें एक नेपाली नागरिक सहित 26 लोग मारे गए थे. यह 2019 के पुलवामा हमले के बाद कश्मीर घाटी में सबसे बड़ा आतंकी हमला था. भारत ने इसके लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया. जवाब में भारत ने 1960 की सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया और पाकिस्तानी एयरलाइंस के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया. पाकिस्तान ने भी 1972 के शिमला समझौते को निलंबित करने और भारतीय उड़ानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करने की घोषणा की. इन कदमों ने दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा दिया है.

पाकिस्तान की रक्षा तैयारियां

पाकिस्तान को भारत से जवाबी सैन्य कार्रवाई का डर सता रहा है. सूत्रों के अनुसार, उसने अपनी सीमा चौकियों को मजबूत किया है और मिसाइल परीक्षण शुरू कर दिए हैं. पाकिस्तानी सेना ने एलओसी पर गोलीबारी तेज कर दी है, जिसका भारतीय सेना कड़ा जवाब दे रही है. इस बीच, पाकिस्तानी हैकर्स ने भारतीय रक्षा वेबसाइट्स पर साइबर हमले किए, जिन्हें सेना ने नाकाम कर दिया. मूडीज की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यह तनाव पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि भारत की अर्थव्यवस्था स्थिर रहेगी.

पीएम मोदी का सख्त रुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम हमले पर कई उच्च स्तरीय बैठकें की हैं. सूत्रों के अनुसार, उन्होंने सशस्त्र बलों को हमले का जवाब देने के लिए “पूर्ण ऑपरेशनल स्वतंत्रता” दी है, जिसमें तरीका, लक्ष्य और समय चुनने की छूट शामिल है. पीएम मोदी ने कड़ा संदेश देते हुए कहा, “हम इस जघन्य हमले के आतंकियों, उनके हैंडलर्स और समर्थकों को धरती के किसी भी कोने से ढूंढ निकालेंगे.” भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भी इस मुद्दे को उठाने की तैयारी की है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भी फोन पर मोदी से बात कर आतंकवाद के खिलाफ भारत को समर्थन देने का वादा किया.

Indo-Pak tension Pahalgam terror attack Home Ministry security drill

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