नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एक विकास परियोजना के उद्घाटन के मौके पर जातिवाद और परिवारवाद को लेकर तीखा बयान दिया है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब UGC के नए नियमों (जिनमें कैंपस पर जातिगत भेदभाव रोकने के प्रावधान हैं) के खिलाफ सामान्य वर्ग में काफी विरोध देखने को मिल रहा है और कई जगह प्रदर्शन हो रहे हैं.
गोरखपुर में रेल उपरिगामी सेतु (रेल ओवर ब्रिज) और खजांची चौराहा फ्लाईओवर के लोकार्पण कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में विकास की गति जब तेज होती है, तो परिवारवादी और जातिवादी ताकतें सक्रिय होकर अशांति फैलाने की कोशिश करती हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ये ताकतें अव्यवस्था पैदा करने के लिए प्रेरित होती हैं, और उनके पीछे कुछ आका भी होते हैं जो पैसा लेकर उपद्रव करवाते हैं.
सीएम ने साफ कहा कि उत्तर प्रदेश अब "उपद्रव प्रदेश" नहीं रहा, बल्कि "उत्सव प्रदेश" बन चुका है. उन्होंने दावा किया कि दंगाइयों और माफिया पर लगाम लगने से पहले जो लोग जाति के नाम पर राजनीति करते थे, वही आज दंगाइयों के समर्थक बनकर बेचैन हो गए हैं. वे लोग जो कभी दंगाइयों के सामने नाक रगड़ते थे, अब परेशान हैं क्योंकि प्रदेश दंगा-मुक्त हो गया है.
योगी आदित्यनाथ ने 2017 से पहले की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि तब प्रदेश में भय का माहौल था, बेटियां असुरक्षित थीं, व्यापारी डर में जीते थे और जाति के नाम पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ होता था. आज स्थिति बदल चुकी है और गोरखपुर अब मच्छर, इंसेफेलाइटिस या माफिया के लिए नहीं, बल्कि विकास, बेहतर सड़कों और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जाना जाता है.
उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि विकास से परेशान होकर ये ताकतें फिर सिर उठा रही हैं, लेकिन सरकार उपद्रवियों से निपटना अच्छी तरह जानती है. यह बयान UGC नियमों के विवाद के बीच आया है, जहां विपक्ष और कुछ समाज के हिस्सों में इसे जातिवाद बढ़ावा देने वाला बताकर विरोध किया जा रहा है, जबकि सीएम ने इसे विकास विरोधी साजिश करार दिया.