नई दिल्ली: लद्दाख के प्रमुख कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने गुरुवार रात अपना 26 दिन लंबा भूख हड़ताल समाप्त कर दिया. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई चार घंटे लंबी उच्चस्तरीय बैठक के बाद केंद्र सरकार के लिखित आश्वासनों ने उन्हें यह फैसला लेने के लिए राजी किया.
सूत्रों के अनुसार, वांगचुक की बिगड़ती सेहत और NEET-UG पेपर लीक को लेकर देशव्यापी छात्र आंदोलन के बढ़ते स्वरूप को देखते हुए अमित शाह ने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और पीएमओ राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ अहम बैठक की. बैठक में सरकार ने वांगचुक की मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने और उनकी सेहत को प्राथमिकता देने का फैसला किया.
बैठक के बाद जितेंद्र सिंह ने सबसे पहले वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो से फोन पर बात की और उन्हें अनशन समाप्त करने की अपील की. इसके बाद दोनों केंद्रीय मंत्री गुरुग्राम के अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने वांगचुक को सरकार का लिखित आश्वासन सौंपा. रात को जब वांगचुक ने अपना अनशन तोड़ा, तब भी दोनों मंत्री उनके साथ मौजूद रहे.
सरकार ने वांगचुक को आश्वासन दिया है कि अगले सप्ताह संसद में नया एंटी-पेपर लीक बिल पेश किया जाएगा, जिसे कैबिनेट 24 जुलाई को मंजूरी दे सकती है. इसके अलावा परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही तय करने, NEET-UG लीक मामले और व्यापक सुधारों पर संसद में चर्चा करने का भी वादा किया गया है. शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर कोई मुकदमा न दर्ज करने और पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजे पर सकारात्मक विचार करने का भी आश्वासन दिया गया है.
अनशन समाप्त करते ही सोनम वांगचुक ने कहा कि केंद्र ने परीक्षा सुधारों पर चर्चा का लिखित वादा किया है. उन्होंने छात्रों और समर्थकों से अपील की कि वे सरकार के आश्वासनों पर भरोसा रखें और आंदोलन को शांतिपूर्ण बनाए रखें. वांगचुक ने आगे कहा कि वे जल्द ही लद्दाख लौटेंगे, लेकिन इससे पहले आंदोलन से जुड़े छात्रों से मुलाकात कर उन्हें संवाद बनाए रखने की सलाह देंगे.