नई दिल्ली: बिहार की सियासत में नई सरकार के स्वरूप को लेकर हलचल चरम पर है. विधानसभा चुनाव में शानदार प्रदर्शन के बाद 20 नवंबर को पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए की नई सरकार शपथ लेगी. कैबिनेट में जेडीयू को 13, बीजेपी को 14, चिराग पासवान की लोजपा (रा.) को 3, जीतन राम मांझी की हम को 1 और उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम को 1 पद मिलने की संभावना है. बीजेपी के आंतरिक स्रोतों से खबर है कि मंत्रिमंडल में कई युवा और नए नाम भी जगह बना सकते हैं, जो गठबंधन की ताजगी को बढ़ाएंगे.
आज पटना में एनडीए विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक हो रही है, जहां विधायक दल के नेता का चुनाव और शपथ समारोह की रणनीति पर फैसला होगा. इसी तरह, बीजेपी विधायक दल की अलग बैठक में डिप्टी सीएम पद के उम्मीदवारों को अंतिम रूप दिया जाएगा. प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने बताया कि यह बैठक पार्टी मुख्यालय में होगी, जिसमें दिल्ली से भेजे गए केंद्रीय पर्यवेक्षक भी मौजूद रहेंगे. बैठक के बाद राज्यपाल के पास सरकार बनाने का दावा पेश किया जाएगा.
इस बार बीजेपी गठबंधन में सीनियर पार्टनर बनने का दावा ठोक रही है, इसलिए वह 14 मंत्री पदों पर अड़ी हुई है. वहीं, जेडीयू को सीएम के अलावा 13 पद सौंपने को तैयार है. लोजपा (रा.) को 3, हम को 1 और आरएलएम को 1 पद देने की रूपरेखा बन चुकी है.
बीजेपी की ओर से सम्राट चौधरी, नितिन नवीन, मंगल पांडेय और हरि सहनी जैसे दिग्गजों के नाम प्रमुखता से चर्चा में हैं. इसके अलावा, दानापुर से सांसद रामकृपाल यादव और दीघा विधानसभा से जीते संजीव चौरसिया भी मंत्रिमंडल की दौड़ में शामिल हैं. लेकिन पूर्व स्पीकर विजय कुमार सिन्हा को मंत्री पद से दूर रखा जा सकता है; उनकी तैनाती किसी अन्य महत्वपूर्ण भूमिका में हो सकती है.
जेडीयू के कोटे में पुराने घोड़ों जैसे विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेशी सिंह, मदन सहनी, जयंत राज और सुनील कुमार को फिर से मौका मिल सकता है. नए चेहरे के तौर पर श्याम रजक को प्रमोशन मिलने की बात कही जा रही है. अल्पसंख्यक वर्ग का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए चेनारी से जीते जमा खान को मंत्री पद ऑफर हो सकता है, क्योंकि एनडीए में वह इकलौते मुस्लिम विधायक हैं.
मांझी की हम पार्टी से उनके बेटे संतोष सुमन को कैबिनेट में जगह मिलने की चर्चा है. इसी तरह, आरएलएम से उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी को मंत्री बनाए जाने का अनुमान है. लोजपा (रा.) के तीन विधायकों में संजय पासवान (प्रधान महासचिव) और महुआ से जीते संजय सिंह के नाम आगे हैं.
हालांकि, विधानसभा स्पीकर और गृह विभाग के बंटवारे पर गठबंधन में उलझन बनी हुई है. जेडीयू इन दोनों कुर्सियों के साथ एक डिप्टी सीएम पद भी हथियाना चाहती है, लेकिन बीजेपी इस पर सहमत नहीं है. जेडीयू के केंद्रीय मंत्री ललन सिंह और कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने जेपी नड्डा से मुलाकात कर अपना पक्ष रखा है.
आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पटना पहुंच रहे हैं, जहां मंत्री सूची के अलावा इन विवादों पर गहन बातचीत होगी. सूत्र बताते हैं कि लोजपा (रा.) भी डिप्टी सीएम पद के लिए शाह के सामने दावा मजबूत करने की कोशिश करेगी. इस बैठक के नतीजे नई सरकार के समीकरण को अंतिम रूप देंगे, जिससे बिहार की राजनीति में नया अध्याय शुरू होगा.