नई दिल्ली: ये हैं मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह, जो बेउर जेल से सीधा बिहार विधानसभा में पहुंचते हैं, और बिना कागज देखे धाराप्रवाह शपथ लेते हैं... लेकिन इस दौरान तीन ऐसी बातें हुईं, जिसने सबको चौंका दिया.. पहली बात थी शपथग्रहण के दौरान उनका माइक बंद होना, जिसकी वजह बताएं उससे पहले दूसरी औ तीसरी चौंकाने वाली बात सुन लीजिए... दूसरी बात थी नीतीश कुमार का उनसे कुछ सवाल पूछना....जब वो शपथग्रहण के बाद नीतीश कुमार से मुलाकात करने पहुंचते हैं, और सीएम नीतीश के पैर छूते हैं, तो उस दौरान नीतीश कुमार उनसे न सिर्फ हाल-चाल पूछते हैं, बल्कि उनके माथे पर लगे तिलक को लेकर भी कुछ कहते नजर आते हैं...
हालांकि उस वक्त विधानसभा का माइक बंद था, इसलिए आवाज रिकॉर्ड नहीं होती... जबकि तीसरी बात थी विधानसभा के बाहर मीडिया से उनका बात करना.... वो बाहर आकर कहते हैं मैं निर्दोष हूं... साथ ही तेजस्वी यादव पर ये भी कहा कि उन्हें किसी और पार्टी से टिकट लेकर चुनाव लड़ना होगा... अब ये तय करना अदालत का काम है कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में दोषी कौन और निर्दोष कौन है... लेकिन अनंत सिंह को जब मोकामा की जनता ने विधायक चुना है, तो फिर उनका माइक क्यो बंद किया गया, ये बड़ा सवाल है...
जानकार कहते हैं.. कोर्ट ने उन्हें सिर्फ शपथग्रहण के लिए अनुमति दी थी, और उस दौरान वो कुछ और टिप्पणी न करें, इसके लिए एहतियात के तौर पर ऐसा किया गया, हालांकि शपथ के दौरान अतिरिक्त टिप्पणी का नियम नहीं है.. पर यहां सवाल ये भी उठ रहा है कि अगर अनंत सिंह की किसी और टिप्पणी की वजह से माइक बंद किया गया, तो बाहर उन्हें मीडिया से बात करने की इजाजत कैसे मिली...
उनका भौकाल देखकर ऐसा लग रहा था, जैसे वो जेल से नहीं सीधा घर से विधानसभा पहुंचे हों.. अब उनकी तस्वीरों पर सबकी अपनी-अपनी राय है, कोई माइक बंद करने को आवाज दबाने की कोशिश कह रहा, तो कोई सुरक्षा व्यवस्था का हवाला दे रहा, आप इस पर क्या सोचते हैं, अपनी राय जरूर दें, क्योंकि अनंत सिंह के शपथ लेने के थोड़ी देर बाद ही बिहार विधानसभा में विधायकों का माइक ऑन हो जाता है, वो वहां से जैसे ही बाहर जाते हैं, बिहार विधानसभा में हंगामा भी शुरू हो जाता है...