नई दिल्ली: पटना के एक लड़कियों के हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही जहानाबाद जिले की 18 वर्षीय छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला अब काफी चर्चा में है. शुरुआत में पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया था, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य सबूतों से यौन उत्पीड़न तथा हत्या की आशंका मजबूत हुई है.
नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को लिखा पत्र
बिहार सरकार ने इस पूरे प्रकरण की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से कराने का फैसला किया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इसकी अनुशंसा की है. उन्होंने जोर दिया है कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और न्यायसंगत होनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को सही न्याय मिल सके और किसी तरह का संदेह न रहे.
उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट ने की पुष्टि
उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने भी इसकी पुष्टि की है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर सीबीआई जांच का अनुरोध किया गया है और मामले का सही ढंग से खुलासा सुनिश्चित किया जाएगा. वहीं, विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार के इस कदम की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि बलात्कार और हत्या जैसे गंभीर अपराध की जांच राज्य पुलिस खुद नहीं कर पा रही, जिससे बिहार का प्रशासनिक सिस्टम भ्रष्ट, अक्षम और गैर-पेशेवर साबित हो रहा है. तेजस्वी ने आरोप लगाया कि एनडीए सरकार का तंत्र समझौतावादी और भ्रष्ट है, जो बड़े-बड़े दावे करता है लेकिन ऐसे मामलों में विफल रहता है.
तेजस्वी यादव ने उठाए गंभीर सवाल
उन्होंने आगे कहा कि कई पुराने मामलों जैसे नवरुणा कांड में सीबीआई ने भी सालों तक आरोपियों को नहीं पकड़ा और जांच को बंद कर दिया. तेजस्वी ने सवाल उठाया कि चुनावों में 'जंगलराज' का शोर मचाने वाले अब कहां हैं? बिहार की बिगड़ी कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी कौन लेगा?
यह मामला पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल से जुड़ा है, जहां छात्रा नीट परीक्षा की तैयारी के लिए रह रही थी. परिवार का दावा है कि यह साजिशपूर्ण हत्या है, जबकि शुरुआती जांच में आत्महत्या का एंगल बताया गया था. अब सीबीआई जांच से मामले में नए मोड़ आने की उम्मीद है, लेकिन परिवार और कुछ पक्षों में इस पर भी भरोसे की कमी दिख रही है.